NCERT Class 9 Syllabus Change: 9वीं की किताब से रूसी और फ्रांसीसी क्रांति हटाई, 7वीं सदी का भारत और रानी अब्बक्का को मिली जगह
NCERT Class 9 Syllabus Change: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक बार फिर कक्षा 9 के सोशल साइंस पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। नई किताब “Understanding Society: India and Beyond – Part 2” जारी करते हुए परिषद ने कई पुराने अध्याय हटाए हैं और उनकी जगह भारतीय इतिहास पर आधारित नए विषयों को शामिल किया है।

नए सिलेबस में फ्रांसीसी क्रांति, रूसी क्रांति, यूरोप में समाजवाद और नाजीवाद व हिटलर का उदय जैसे अध्यायों को हटा दिया गया है। वहीं 7वीं सदी का भारत, रानी अब्बक्का और भारतीय शासकों के प्रतिरोध से जुड़े नए अध्याय जोड़े गए हैं।
इन अध्यायों को हटाया गया
नई पुस्तक में पहले पढ़ाए जाने वाले कई यूरोपीय इतिहास के अध्याय अब शामिल नहीं हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
फ्रांसीसी क्रांति
रूसी क्रांति
यूरोप में समाजवाद
नाजीवाद और हिटलर का उदय
शामिल हैं।
भारतीय इतिहास को दी गई अधिक जगह
नई पुस्तक में भारतीय मध्यकालीन इतिहास और विभिन्न भारतीय राजवंशों के संघर्षों पर अधिक फोकस किया गया है। इसमें “Resistance and Resilience” (विरोध और लचीलापन) नाम से नया अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें विभिन्न कालखंडों में भारतीय शासकों और समुदायों द्वारा विदेशी आक्रमणों के खिलाफ किए गए प्रतिरोध का उल्लेख किया गया है।
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रानी अब्बक्का और 7वीं सदी का भारत शामिल
नई किताब में रानी अब्बक्का के योगदान को शामिल किया गया है। साथ ही 7वीं सदी के भारत के इतिहास और उस दौर की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विस्तृत सामग्री दी गई है। राजपूत, अहोम, विजयनगर और मराठों के संघर्ष पर फोकस
नई पुस्तक में निम्न विषयों को प्रमुखता दी गई है—
राजपूतों का प्रतिरोध
अहोम साम्राज्य
विजयनगर साम्राज्य
मराठा साम्राज्य
सिखों का संघर्ष
जाट समुदाय का प्रतिरोध
इसके अलावा महाराणा प्रताप के अकबर के खिलाफ संघर्ष, लाचित बोरफुकन द्वारा 1671 के सरायघाट युद्ध में मुगल सेना को पराजित करने और मुगल शासन के खिलाफ सिखों के संघर्ष का भी उल्लेख किया गया है।
दंतेश्वरी और देवी परंपरा का भी उल्लेख
नई पुस्तक में भारत की प्राचीन देवी उपासना परंपरा का भी वर्णन किया गया है। पुस्तक के अनुसार, 7वीं सदी से कई भारतीय शासक युद्ध के दौरान काली, दुर्गा, भवानी और अन्य शक्ति स्वरूपों की आराधना करते थे। इसमें बस्तर के शासक अन्नमराजा का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि उन्हें माणिक्यदेवी (दंतेश्वरी) से तलवार प्राप्त होने की परंपरा का वर्णन मिलता है। वहीं विजयनगर के कुमार कंपन के संदर्भ भी शामिल किए गए हैं।
क्या है बदलाव का उद्देश्य?
NCERT के निदेशक दिनेश सकलानी ने पुस्तक की प्रस्तावना में कहा है कि सोशल साइंस की पढ़ाई का उद्देश्य छात्रों में:
विश्लेषणात्मक सोच विकसित करना,
आलोचनात्मक दृष्टिकोण बढ़ाना,
विभिन्न संस्कृतियों की समझ विकसित करना,
जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना
है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कक्षा 9 के लिए नई सोशल साइंस पुस्तक तैयार की गई है।
