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Diabetes: बारिश में डायबिटीज मरीज ऐसे रखें पैरों का ख्याल, छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी

Diabetes Foot Care in Monsoon: मानसून का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन अपने साथ संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। खासकर डायबिटीज (मधुमेह) के मरीजों के लिए बारिश का मौसम अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। बारिश के पानी में मौजूद बैक्टीरिया, फंगस और गंदगी पैरों के जरिए शरीर में संक्रमण फैला सकते हैं। ऐसे में छोटी-सी खरोंच या छाला भी गंभीर समस्या का रूप ले सकता है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज मरीजों में घाव देर से भरते हैं और पैरों की संवेदनशीलता भी कम हो सकती है। इसलिए मानसून के दौरान पैरों की नियमित देखभाल बेहद जरूरी है।

बारिश का पानी क्यों बन सकता है खतरा?

बारिश के दौरान सड़कों पर जमा पानी साफ दिखाई देता है, लेकिन उसमें कई प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और सीवर का पानी मिला हो सकता है। यदि डायबिटीज मरीज ऐसे पानी में चलते हैं और पैरों में हल्की चोट या कट हो जाए, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है।

डायबिटीज में पैरों का संक्रमण जल्दी क्यों होता है?

डायबिटीज के मरीजों में अक्सर डायबिटिक न्यूरोपैथी की समस्या होती है, जिससे पैरों की नसों की संवेदनशीलता कम हो जाती है। ऐसे में चोट लगने का तुरंत एहसास नहीं होता। साथ ही ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने के कारण घाव भरने में अधिक समय लगता है।

लंबे समय तक गीले पैर रखना क्यों है नुकसानदायक?

बारिश में भीगने या गीले जूते-मोजे लंबे समय तक पहनने से त्वचा नरम पड़ जाती है। इससे—

  • पैरों में दरारें पड़ सकती हैं।
  • छाले बनने की संभावना बढ़ जाती है।
  • फंगल इंफेक्शन हो सकता है।
  • डायबिटिक फुट अल्सर का खतरा बढ़ जाता है।

गंभीर मामलों में सर्जरी या अंग काटने जैसी स्थिति भी बन सकती है।

घर में भी न चलें नंगे पैर

डायबिटीज मरीजों को घर के अंदर भी नंगे पैर चलने से बचना चाहिए। फर्श पर मौजूद कोई नुकीली वस्तु या फर्नीचर से लगी हल्की चोट भी बाद में गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है।

बारिश में अपनाएं ये आसान Foot Care Tips

  • घर लौटते ही पैरों को गुनगुने पानी और हल्के साबुन से धोएं।
  • पैरों को अच्छी तरह सुखाएं, खासकर उंगलियों के बीच।
  • रोजाना पैरों की जांच करें कि कहीं कट, छाला या सूजन तो नहीं है।
  • पैरों पर मॉइस्चराइज़र या नारियल तेल लगाएं, लेकिन उंगलियों के बीच न लगाएं।
  • नाखून सीधे काटें और बहुत छोटे न रखें।
  • किसी भी चोट को नजरअंदाज न करें।

कैसे हों जूते और मोजे?

बारिश के मौसम में हमेशा—

  • आरामदायक और बंद (Closed) जूते पहनें।
  • सूती मोजे इस्तेमाल करें।
  • गीले मोजे तुरंत बदलें।
  • जूतों को पूरी तरह सूखने के बाद ही दोबारा पहनें।

इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

यदि पैरों में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—

  • लालिमा
  • सूजन
  • पस निकलना
  • बदबू
  • छाला
  • लगातार दर्द
  • घाव का जल्दी ठीक न होना

समय पर इलाज गंभीर जटिलताओं से बचा सकता है।

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज मरीजों को मानसून में ब्लड शुगर नियंत्रण के साथ-साथ पैरों की नियमित जांच भी करनी चाहिए। किसी भी छोटे बदलाव को हल्के में न लें और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

Disclaimer

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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