Satluj Row: दिलजीत दोसांझ की अपील के बाद ऑनलाइन फैली ‘सतलुज’ की पायरेटेड कॉपियां, ZEE5 ने दर्शकों से की खास गुजारिश
Satluj Row: पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर विवादों में आ गई है। ZEE5 पर रिलीज होने के महज दो दिन बाद फिल्म को प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी पायरेटेड कॉपियां तेजी से फैलने लगीं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ZEE5 ने दर्शकों से फिल्म की अवैध कॉपियां शेयर न करने और पायरेसी को बढ़ावा न देने की अपील की है।

दिलजीत की अपील के बाद बढ़ा विवाद
फिल्म के हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने अपने फैंस से फिल्म की डाउनलोड की गई कॉपियों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की बात कही थी। उनका मानना था कि एक बार कोई कंटेंट इंटरनेट पर आ जाए तो उसे पूरी तरह हटाना लगभग असंभव है।
दिलजीत ने कहा कि फिल्म अब दर्शकों की हो चुकी है और इसे रोका नहीं जा सकता। अभिनेता की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म की कई पायरेटेड फाइलें और लिंक तेजी से वायरल होने लगे।
ZEE5 ने जारी की एंटी-पायरेसी अपील
सोमवार को ZEE5 ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए दर्शकों से पायरेसी को बढ़ावा न देने की अपील की। प्लेटफॉर्म ने कहा कि वह फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
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ZEE5 ने पोस्ट में लिखा कि:
“हम ‘सतलुज’ को वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। कृपया पायरेसी को सपोर्ट न करें और डाउनलोड की गई कॉपियों को शेयर करने से बचें।”
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि कॉपीराइट उल्लंघन फिल्म इंडस्ट्री और कंटेंट क्रिएटर्स को भारी नुकसान पहुंचाता है।
क्या है ‘सतलुज’ फिल्म की कहानी?
फिल्म ‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन से प्रेरित है। खालरा ने पंजाब में कथित फर्जी एनकाउंटर और मानवाधिकार उल्लंघनों के मामलों को उजागर किया था। फिल्म का नाम पहले ‘पंजाब 95’ रखा गया था, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) से जुड़ी जटिलताओं के कारण इसकी रिलीज कई वर्षों तक अटकी रही। लंबी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद इसे ZEE5 पर रिलीज किया गया था।
स्टारकास्ट और निर्माण
फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है। इसमें:
- दिलजीत दोसांझ
- अर्जुन रामपाल
- कंवलजीत सिंह
- सुविंदर विक्की
- गीतिका विद्या ओहल्यान
मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं।
फिल्म का निर्माण RSVP Movies और MacGuffin Pictures ने किया है।
पायरेसी पर क्यों बढ़ी चिंता?
फिल्म इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने वाले कंटेंट की पायरेसी तेजी से बढ़ रही है। इससे निर्माताओं, कलाकारों और प्लेटफॉर्म्स को आर्थिक नुकसान होता है। यही कारण है कि ZEE5 ने दर्शकों से कानूनी माध्यमों से ही कंटेंट देखने की अपील की है।
निष्कर्ष
‘सतलुज’ को लेकर जारी विवाद ने एक बार फिर डिजिटल पायरेसी और कंटेंट सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्साह बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर ZEE5 और निर्माता इसे कानूनी रूप से वापस लाने के प्रयास में जुटे हैं।
