Global Passport Index 2026: दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट में भारत 125वें स्थान पर, जानें क्यों गिरी रैंकिंग
Global Passport Index 2026: Global Passport Index 2026 की ताजा रैंकिंग जारी हो गई है, जिसमें भारतीय पासपोर्ट को बड़ा झटका लगा है। रेजीडेंसी और सिटिजनशिप एडवाइजरी फर्म Global Citizen Solutions (GCS) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत का पासपोर्ट इस साल 197 देशों में 125वें स्थान पर रहा है। पिछले वर्ष भारत 124वें स्थान पर था, यानी इस बार रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि भारत के पासपोर्ट की कंपोजिट रेटिंग पहले से बेहतर हुई है, लेकिन अन्य देशों की तुलना में यात्रा सुविधाओं और वैश्विक पहुंच में अपेक्षाकृत धीमी प्रगति के कारण रैंकिंग नीचे खिसक गई।
पांच वर्षों में केवल दो स्थान की बढ़त
रिपोर्ट के अनुसार भारत की स्थिति पिछले कुछ वर्षों में इस प्रकार रही—
- 2021: 127वां स्थान
- 2025: 124वां स्थान
- 2026: 125वां स्थान
यानी पांच वर्षों में भारत केवल दो स्थान ऊपर पहुंच पाया, जबकि इस वर्ष फिर एक स्थान नीचे आ गया।
किन देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं भारतीय?
भारतीय पासपोर्ट धारकों को 26 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है।
इनमें प्रमुख देश शामिल हैं—
- भूटान
- नेपाल
- जमैका
- बारबाडोस
- अंगोला
- मकाऊ
- ट्यूनीशिया
- फिलिस्तीन
वहीं अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन, यूएई और कई अन्य देशों की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को पहले से वीजा लेना आवश्यक है।
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क्यों गिरी भारत की रैंकिंग?
रिपोर्ट के मुताबिक भारत का वीजा-फ्री मोबिलिटी स्कोर पहले की तुलना में बेहतर हुआ है, लेकिन अन्य देशों ने इससे कहीं अधिक तेजी से अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा सुविधाओं का विस्तार किया।
यही वजह है कि—
- भारतीय पासपोर्ट का स्कोर बढ़ा,
- लेकिन वैश्विक रैंकिंग में गिरावट दर्ज हुई।
Global Passport Index कैसे तय करता है रैंकिंग?
दूसरे पासपोर्ट इंडेक्स जहां केवल वीजा-फ्री यात्रा को आधार बनाते हैं, वहीं Global Passport Index (GPI) तीन प्रमुख मानकों पर देशों का मूल्यांकन करता है—
1. Mobility Index
- वीजा-फ्री यात्रा
- अंतरराष्ट्रीय पहुंच
- यात्रा की स्वतंत्रता
भारत की रैंक: 136
2. Quality of Living Index
इसमें शामिल हैं—
- स्वास्थ्य सेवाएं
- शिक्षा
- सुरक्षा
- जीवन स्तर
भारत की रैंक: 118
यह पिछले वर्ष की तुलना में 11 स्थान बेहतर है।
3. Investment Index
इसमें देखा जाता है—
- निवेश के अवसर
- आर्थिक विकास
- व्यापारिक माहौल
- टैक्स व्यवस्था
भारत की रैंक: 94
यह पिछले वर्ष से 3 स्थान बेहतर है।
दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट
Global Passport Index 2026 के अनुसार शीर्ष 10 देश—
- स्वीडन
- स्विट्जरलैंड
- फिनलैंड
- जर्मनी
- नीदरलैंड
- डेनमार्क
- आयरलैंड
- यूनाइटेड किंगडम
- नॉर्वे
- सिंगापुर
वहीं सूची में सबसे अंतिम स्थान अफगानिस्तान का रहा।
भारत के लिए क्या संकेत?
हालांकि भारत की जीवन गुणवत्ता और निवेश क्षमता से जुड़े सूचकांक में सुधार देखने को मिला है, लेकिन वैश्विक यात्रा स्वतंत्रता के मामले में अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है। आने वाले वर्षों में यदि भारत अधिक देशों के साथ वीजा-फ्री समझौते करता है, तो भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
