CG Breaking News: रायगढ़ इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, फर्नेस क्षेत्र में अफरा-तफरी, 4 मजदूर घायल
CG Breaking News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित पूंजीपथरा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। रायगढ़ इस्पात संयंत्र के फर्नेस सेक्शन में अचानक गैस फॉर्मेशन और धुएं के फैलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना में चार मजदूर घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

फर्नेस क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयंत्र के फर्नेस में अधिक नमी (मॉइश्चर) होने के कारण गैस बनने की स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद फर्नेस क्षेत्र में अचानक धुआं फैल गया, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और मजदूरों में हड़कंप मच गया। घटना के दौरान कुछ मजदूर घबराकर सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान ऊंचाई पर कार्य कर रहे कुछ श्रमिकों ने जल्दबाजी में छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए।
चार मजदूर घायल, अस्पताल में भर्ती
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान अमरेश कुमार, फिरोज आलम खान और रामनाथ सूर्यवंशी (जांजगीर-चांपा निवासी) के रूप में हुई है। एक अन्य घायल की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। सभी घायलों को तत्काल अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। वहीं दो घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
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जीएम ने ब्लास्ट की खबर से किया इनकार
रायगढ़ इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक (GM) सुनील पांडा ने फर्नेस ब्लास्ट की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में रॉ मैटेरियल में नमी आने से फर्नेस में गैस का निर्माण हो सकता है। उनके मुताबिक गैस के ऊपर निकलने से धुआं तेजी से फैला, जिससे मजदूरों में घबराहट फैल गई। इसी अफरा-तफरी के दौरान कुछ कर्मचारियों को चोटें आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ब्लास्ट नहीं बल्कि तकनीकी कारणों से उत्पन्न स्थिति थी।
जांच में जुटी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, औद्योगिक स्वास्थ्य विभाग और संयंत्र प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और घटना के कारणों का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। उद्योग प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल में मौजूद रहकर घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा मानकों और फर्नेस संचालन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान औद्योगिक इकाइयों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी होता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
