Featuredटेक्नोलॉजी

Tata Electronics Data Leak: टाटा कंपनी का डेटा हुआ हैक Apple और Tesla का भी नाम आया सामने

Tata Electronics Data Leak: भारत की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स कथित तौर पर एक बड़े साइबर अटैक का शिकार हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी के लगभग 630GB डेटा के लीक होने का दावा किया जा रहा है। इस कथित डेटा लीक में कंपनी के आंतरिक दस्तावेज, कर्मचारियों की जानकारी, ईमेल्स और Apple से जुड़े कुछ डिजाइन डॉक्यूमेंट्स शामिल बताए जा रहे हैं। मामले ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स Apple और Tesla जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और तकनीकी सप्लाई से जुड़ी हुई है।

630GB डेटा लीक होने का दावा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर अपराधियों ने कंपनी के सिस्टम में रैनसमवेयर अटैक किया। रैनसमवेयर एक प्रकार का मैलवेयर होता है, जो सिस्टम की फाइल्स को लॉक कर देता है और उन्हें अनलॉक करने के बदले फिरौती की मांग की जाती है। बताया जा रहा है कि हैकर्स ने कथित तौर पर 630GB डेटा डार्क वेब पर पोस्ट किया है। इसमें बिजनेस डॉक्यूमेंट्स, कर्मचारियों की जानकारी, ईमेल डेटा और कुछ संवेदनशील तकनीकी फाइल्स शामिल होने का दावा किया गया है।

Apple और Tesla का नाम क्यों आया सामने?

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पिछले कुछ वर्षों में Apple के लिए iPhone मैन्युफैक्चरिंग और कंपोनेंट सप्लाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं Tesla के साथ भी सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन से जुड़ी साझेदारी की खबरें सामने आ चुकी हैं। इसी वजह से डेटा लीक की खबरों में Apple और Tesla का नाम भी चर्चा में आ गया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इन कंपनियों का कोई संवेदनशील डेटा प्रभावित हुआ है या नहीं।

साइबर अटैक पर टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का जवाब

रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने कहा है कि कंपनी को इस साइबर घटना की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए गए थे। कंपनी का दावा है कि इस घटना का उसके मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन या बिजनेस गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। साथ ही मामले की जांच जारी है।

डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल

इस कथित साइबर अटैक ने एक बार फिर कॉर्पोरेट डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील व्यावसायिक जानकारी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में बड़ी कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा पर लगातार निवेश और निगरानी बेहद जरूरी हो गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आधिकारिक स्तर पर डेटा लीक की पूरी सीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *