Braj 84 Kos Parikrama 2026: ब्रज 84 कोस परिक्रमा कब से शुरू होगी? जानिए पूरा मार्ग, नियम और धार्मिक महत्व
Braj 84 Kos Parikrama 2026: भगवान Krishna की पावन लीला स्थली ब्रज में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु 84 कोस परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भक्ति, साधना और आत्मिक शुद्धि का महान अवसर मानी जाती है। वर्ष 2026 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की शुरुआत 17 मई से हो रही है, और इसी अवधि में ब्रज 84 कोस परिक्रमा को विशेष रूप से शुभ माना गया है।

कब से शुरू होगी ब्रज 84 कोस परिक्रमा 2026?
अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा। इस दौरान की गई ब्रज यात्रा अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है।
परिक्रमा के लिए सबसे शुभ महीने:
- अधिक मास (17 मई – 15 जून 2026)
- भाद्रपद मास
- कार्तिक मास
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क्या है ब्रज 84 कोस परिक्रमा?
ब्रज 84 कोस परिक्रमा लगभग 250 से 300 किलोोमीटर लंबी आध्यात्मिक यात्रा है, जिसे पूरा करने में करीब 30 से 40 दिन लगते हैं। इस यात्रा में Mathura, Vrindavan, Barsana, Nandgaon, Gokul और Govardhan Hill जैसे पवित्र स्थलों का दर्शन किया जाता है।
84 कोस परिक्रमा का धार्मिक महत्व
हिंदू मान्यताओं के अनुसार:
- 84 कोस परिक्रमा करने से 84 लाख योनियों के बंधन से मुक्ति मिलती है।
- हर कदम पर अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है।
- पापों का नाश और मन की शुद्धि होती है।
- भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
84 कोस और गोवर्धन परिक्रमा में अंतर
| परिक्रमा | दूरी | समय |
|---|---|---|
| ब्रज 84 कोस परिक्रमा | 250–300 किमी | 30–40 दिन |
| गोवर्धन परिक्रमा | लगभग 21 किमी | कुछ घंटे |
परिक्रमा के दौरान पालन किए जाने वाले नियम
- सात्विक भोजन करें
- निरंतर भगवान का नाम जपें
- ब्रज भूमि का सम्मान करें
- पर्याप्त पानी साथ रखें
- आरामदायक कपड़े और जूते पहनें
- स्वास्थ्य का ध्यान रखें
