New Vehicle Purchase Rules: डीलरों की मनमानी पर सख्ती, अब जबरन बीमा और एसेसरीज नहीं खरीदवा सकेंगे
New Vehicle Purchase Rules: छत्तीसगढ़ में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब नए वाहन की खरीद के दौरान डीलर ग्राहकों पर बीमा और एसेसरीज लेने का दबाव नहीं बना सकेंगे। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी पंजीयन प्राधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

क्या है नया नियम?
नए निर्देशों के अनुसार:
- कोई भी वाहन डीलर ग्राहक को किसी खास जगह से बीमा लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
- एसेसरीज खरीदना पूरी तरह वैकल्पिक होगा।
- ग्राहक अपनी पसंद से बीमा कंपनी और एसेसरीज चुन सकता है।
यह कदम ग्राहकों को अनुचित दबाव और अतिरिक्त खर्च से बचाने के लिए उठाया गया है।
नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी डीलर के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- नियम 34 से 44 के तहत कार्रवाई संभव
- लाइसेंस रद्द होने तक की कार्रवाई हो सकती है
क्या-क्या नहीं कर सकते डीलर?
- बीमा पॉलिसी जबरन बेचने की कोशिश
- एसेसरीज को अनिवार्य बताना
- किसी खास विक्रेता से खरीदने के लिए दबाव बनाना
ये सभी कार्य “अनुचित व्यापार व्यवहार” की श्रेणी में आते हैं।
कानून क्या कहता है?
- मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत वाहन का रजिस्ट्रेशन जरूरी है
- लेकिन एसेसरीज खरीदना अनिवार्य नहीं
- बीमा खरीदने का फैसला पूरी तरह ग्राहक का अधिकार है
साथ ही, भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के नियमों के अनुसार किसी भी बीमा को अन्य उत्पाद के साथ जबरन जोड़ना गैरकानूनी है।
कौन-कौन सी एसेसरीज हैं वैकल्पिक?
- सीट कवर
- म्यूजिक सिस्टम
- क्रैश गार्ड
- फुट रेस्ट / साड़ी गार्ड
- टायर किट आदि
इन सभी को खरीदना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर है।
शिकायत पर तुरंत एक्शन
यह फैसला एक शिकायत के बाद लिया गया, जिसमें डीलरों द्वारा ग्राहकों पर दबाव डालने की बात सामने आई थी। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी शिकायतों पर तुरंत सख्त कार्रवाई होगी।
