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World Students Day 2025: विश्व छात्र दिवस, जानें इसका इतिहास और महत्व

World Students Day 2025: हर साल 15 अक्टूबर को भारत और पूरी दुनिया में विश्व छात्र दिवस (World Students Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. कलाम को न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में उनके अद्भुत वैज्ञानिक योगदान और छात्रों के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया जाता है।

World Students Day 2025

डॉ. कलाम देश के 11वें राष्ट्रपति रहे और उन्हें उनके वैज्ञानिक योगदान के लिए ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने भारत के मिसाइल प्रोग्राम और अंतरिक्ष अनुसंधान में ऐतिहासिक योगदान दिया।

क्यों मनाया जाता है विश्व छात्र दिवस?

डॉ. कलाम अपने जीवनकाल में हमेशा छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते रहे। उनका प्रसिद्ध कथन —

“सपने वो नहीं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते।”

यह वाक्य आज भी हर छात्र के लिए प्रेरणा स्रोत है।

डॉ. कलाम का मानना था कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है और छात्रों में वह शक्ति है जो देश और दुनिया का भविष्य बदल सकती है। उनकी प्रेरणादायक पुस्तक ‘Wings of Fire’ ने लाखों छात्रों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की दिशा दी।

विश्व छात्र दिवस की शुरुआत कैसे हुई?

साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने डॉ. कलाम की 79वीं जयंती को विश्व छात्र दिवस के रूप में घोषित किया। तब से हर साल 15 अक्टूबर को यह दिन पूरी दुनिया में छात्रों और शिक्षा के महत्व को समर्पित किया जाता है।

डॉ. कलाम का जीवन परिचय

डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनके पिता जैनुलआबिदीन मराकायर और माता आशियाम्मा एक साधारण परिवार से थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद, कलाम ने अपनी मेहनत और लगन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनाने में अहम योगदान दिया और 1997 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

डॉ. कलाम की शिक्षा पर सोच

डॉ. कलाम कहते थे —

“अगर किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त और सुंदर दिमाग वाले लोगों का बनाना है, तो मेरा मानना है कि तीन प्रमुख लोग ये कर सकते हैं — माता, पिता और शिक्षक।”

उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा और प्रेरणा से किसी भी बच्चे का भविष्य बदला जा सकता है।

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