WhatsApp Paid Feature: WhatsApp के लिए देने होंगे पैसे? Free नहीं रहेगा ये फीचर, Meta ला रहा है Paid Subscription Model
WhatsApp Paid Feature: WhatsApp के करोड़ों यूजर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta अब WhatsApp में भी Paid Subscription Feature लाने की तैयारी कर रहा है। यानी आने वाले समय में WhatsApp का एक खास फीचर फ्री नहीं रहेगा और उसे इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। हाल ही में यह फीचर WhatsApp के नए बीटा वर्जन में देखा गया है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि Meta अब इस प्लेटफॉर्म को भी कमाई का जरिया बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

क्या WhatsApp अब फ्री नहीं रहेगा?
Android Authority की रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp में Ad-Free Status Viewing के लिए Subscription Model पर काम किया जा रहा है। यानी अगर यूजर्स बिना विज्ञापन देखे स्टेटस स्क्रॉल करना चाहते हैं, तो उन्हें सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है। जो यूजर्स सब्सक्राइब नहीं करेंगे, उन्हें स्टेटस देखने से पहले Ads (विज्ञापन) देखने पड़ सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे YouTube पर होता है। हालांकि, अभी चैटिंग, कॉलिंग और मैसेज भेजने जैसी बेसिक सुविधाएं फ्री ही रहेंगी, लेकिन स्टेटस और चैनल सेक्शन में यह बदलाव देखने को मिल सकता है।
बीटा वर्जन में दिखा नया फीचर
रिपोर्ट के मुताबिक, यह फीचर WhatsApp Beta Version 2.26.3.9 में स्पॉट किया गया है। इसमें Paid Ad-Free Subscription से जुड़े Codes पाए गए हैं। फिलहाल यह ट्रायल स्टेज में है और सभी यूजर्स के लिए लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
क्यों ला रहा है Meta ये बदलाव?
Meta पहले ही Facebook और Instagram पर Subscription और Ads मॉडल लागू कर चुका है। अब कंपनी WhatsApp को भी Monetize करना चाहती है ताकि प्लेटफॉर्म के ऑपरेशन कॉस्ट को कवर किया जा सके और नए रेवेन्यू सोर्स बनाए जा सकें। भारत में WhatsApp के करीब 80 करोड़ यूजर्स हैं, जबकि दुनिया भर में यह संख्या लगभग 2.8 अरब है। ऐसे में सब्सक्रिप्शन मॉडल Meta के लिए बड़ी कमाई का जरिया बन सकता है।
पहले भी पेड रहा है WhatsApp
बहुत से यूजर्स को याद होगा कि जब WhatsApp 2009 में लॉन्च हुआ था, तब यह पहले साल फ्री और बाद में ₹55 सालाना चार्ज के साथ आता था। बाद में इसे पूरी तरह Free-to-Use बना दिया गया। अब एक बार फिर कंपनी पेड फीचर्स की ओर लौटती नजर आ रही है।
सभी देशों में लागू होगा या नहीं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फीचर सभी देशों में एक साथ लागू नहीं किया जाएगा। पहले इसे कुछ चुनिंदा मार्केट्स में टेस्ट किया जाएगा और उसके बाद ही ग्लोबल रोलआउट पर फैसला लिया जाएगा।
