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WhatsApp New Passkey Feature 2025: अब चैट बैकअप रहेंगे पहले से भी ज्यादा सुरक्षित, जानिए कैसे करेगा काम

WhatsApp New Passkey Feature 2025: Meta के स्वामित्व वाला WhatsApp अब यूजर्स के चैट बैकअप को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक नया पासकी-बेस्ड एन्क्रिप्शन (Passkey-Based Encryption) फीचर लेकर आया है। इस नए फीचर के जरिए अब WhatsApp यूजर्स अपने चैट बैकअप को फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या स्क्रीन लॉक के जरिए सुरक्षित रख सकेंगे।

WhatsApp New Passkey Feature 2025

गुरुवार से शुरू हुए इस फीचर का मकसद यूजर्स को पारंपरिक पासवर्ड या 64 अंकों की एन्क्रिप्शन की (Key) संभालने की झंझट से मुक्त करना है।

क्या है WhatsApp का नया Passkey Feature?

अब तक WhatsApp यूजर्स को Google Drive या iCloud पर चैट बैकअप के लिए एक अलग पासवर्ड बनाना पड़ता था। लेकिन अब नया Passkey Feature सीधे आपके फोन की सिक्योरिटी सिस्टम (Fingerprint / Face Lock) से जुड़ जाएगा।

इसका मतलब यह है कि चैट बैकअप को सुरक्षित करने या रिस्टोर करने के लिए केवल एक टैप या फेस रिकग्निशन काफी होगा। WhatsApp का कहना है कि इस बदलाव से यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा, भले ही फोन खो जाए या बदला जाए।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

यह फीचर WhatsApp के मौजूदा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सिस्टम पर आधारित है, जो पहले से ही पर्सनल चैट्स और कॉल को सुरक्षित रखता है। अब यह सुरक्षा लेयर क्लाउड बैकअप (Google Drive और iCloud) तक बढ़ा दी गई है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यूजर के अलावा कोई भी — यहां तक कि WhatsApp भी — चैट्स या मीडिया फाइल्स तक पहुंच नहीं पाएगा।

कैसे करें WhatsApp Passkey Encryption एक्टिवेट

यह अपडेट अगले कुछ हफ्तों में सभी यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा।
एक बार फीचर उपलब्ध हो जाने पर, यूजर्स इसे इस तरह सक्रिय कर सकते हैं:

  1. सेटिंग्स पर जाएं
  2. Chats > Chat Backup > End-to-End Encrypted Backup चुनें
  3. Passkey Encryption विकल्प ऑन करें
  4. अपने फोन का फिंगरप्रिंट, फेस लॉक या स्क्रीन लॉक इस्तेमाल करें

इसके बाद आपका चैट बैकअप पासकी-प्रोटेक्टेड हो जाएगा।

WhatsApp का Encryption कैसे काम करता है?

WhatsApp का एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन यह सुनिश्चित करता है कि हर संदेश, कॉल और मीडिया फाइल केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले को ही दिखाई दे। हर मैसेज एक यूनिक डिजिटल Key से एन्क्रिप्ट होता है, जिसे WhatsApp भी एक्सेस नहीं कर सकता। यह प्रक्रिया Signal Encryption Protocol पर आधारित है — वही प्रोटोकॉल जो WhatsApp, Signal और अन्य सुरक्षित चैटिंग ऐप्स में इस्तेमाल होता है।

बिजनेस चैट्स के लिए क्या बदलाव होंगे?

बिजनेस अकाउंट्स की चैट्स भी इसी एन्क्रिप्शन सिस्टम से गुजरेंगी। हालांकि, इन चैट्स का उपयोग उस कंपनी की प्राइवेसी पॉलिसी पर निर्भर करेगा। कुछ बिजनेस अपने कर्मचारियों या पार्टनर्स को चैट्स एक्सेस करने की अनुमति दे सकते हैं।

Meta ने यह भी कहा है कि बिजनेस चैट डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन या मार्केटिंग उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह यूजर की सहमति पर निर्भर करेगा।

क्यों खास है यह फीचर?

  • पासवर्ड याद रखने या की स्टोर करने की जरूरत नहीं
  • फेस/फिंगरप्रिंट से बैकअप सुरक्षित
  • क्लाउड बैकअप में एंड-टू-एंड सिक्योरिटी
  • डेटा लीक या डिवाइस लॉस का खतरा कम

यह फीचर यूजर्स को जटिल एन्क्रिप्शन सेटिंग्स के बिना अधिक सुरक्षा और सरलता देता है।

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