US Fed का बड़ा फैसला आज! ब्याज दर में 0.25% कटौती की संभावना, लोन होंगे सस्ते या मंदी गहराएगी?
नई दिल्ली: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व (US Fed) आज एक महत्वपूर्ण आर्थिक फैसला ले सकता है। उम्मीद है कि बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की कटौती करेगा। इसके बाद फेड रेट्स 4% से 4.25% के बीच पहुंच सकते हैं। इस फैसले का असर सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों, खासकर भारत जैसे उभरते देशों पर भी पड़ सकता है।

पिछले फैसलों से क्या सीखें?
पिछले एक साल में फेड ने तीन बार ब्याज दर घटाई थी –
दिसंबर 2024: 0.25% कटौती
नवंबर 2024: 0.50% कटौती
सितंबर 2024: 0.25% कटौती
मार्च 2022 से जुलाई 2023 के बीच महंगाई से निपटने के लिए लगातार 11 बार दरें बढ़ाई गईं, जिससे लोन महंगे हो गए थे। महामारी के दौर में मार्च 2020 में भी फेड ने दरें घटाई थीं।
फेड क्यों है अहम?
फेडरल रिजर्व की दरें यह तय करती हैं कि बैंकों के बीच लोन का ब्याज कितना होगा। यह निर्णय सीधे तौर पर प्रभावित करता है:
कंज्यूमर लोन
होम लोन
ऑटो लोन
क्रेडिट कार्ड खर्च
जब दर घटती है, तो लोन सस्ते होते हैं और खर्च बढ़ता है। वहीं दर बढ़ने से महंगाई पर नियंत्रण पाया जाता है।
कटौती का असर – राहत या खतरा?
ज्यादा कटौती: आर्थिक कमजोरी का संकेत; निवेशकों का भरोसा गिर सकता है।
कम कटौती: बाजार की अपेक्षाओं पर पानी फिर सकता है।
कटौती में देरी: रोजगार और आर्थिक सुधार की गति धीमी हो सकती है।
महंगाई पर नियंत्रण का बड़ा हथियार
फेड की दरें महंगाई से निपटने का सबसे प्रभावी उपकरण हैं।
दर बढ़ाकर महंगाई रोकी जाती है।
दर घटाकर अर्थव्यवस्था को गति दी जाती है।
भारत पर क्या असर होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दर घटने से:
भारतीय शेयर बाजार में तेजी आ सकती है।
रुपया मजबूत हो सकता है।
विदेशी निवेश, विशेषकर IT और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़ेगा।
