Trump Tariff Impact on Indian Pharma: ट्रंप की टैरिफ वार से ग्लोबल मंदी का खतरा, भारतीय फार्मा सेक्टर पर मंडराया संकट
Trump Tariff Impact on Indian Pharma: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि 1 अक्टूबर से ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लागू होने से भारतीय फार्मा सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है।

फार्मा सेक्टर में क्यों बढ़ी चिंता?
राइट होराइजन्स पीएमएस के फाउंडर और फंड मैनेजर अनिल रेगो ने चेताया है कि अमेरिका पर अत्यधिक निर्भर कंपनियां जैसे अरबिंदो फार्मा और डॉ. रेड्डीज़ निवेशकों के लिए जोखिम भरी हो सकती हैं।
“अगर अमेरिका और अधिक सख्ती करता है, तो असर केवल ब्रांडेड दवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जेनेरिक दवाओं तक भी फैल सकता है।” – अनिल रेगो
भारतीय फार्मा कंपनियों पर असर
अरबिंदो फार्मा का लगभग 48% रेवेन्यू अमेरिकी कारोबार से आता है।
डॉ. रेड्डीज़ और सन फार्मा जैसी कंपनियों की मजबूत पकड़ जटिल जेनेरिक दवाओं में है, जिन पर लंबे समय में असर पड़ सकता है।
भारत अमेरिका की 45% जेनेरिक दवाओं की सप्लाई करता है। FY2024 में भारत का अमेरिका को फार्मा निर्यात $8.7 बिलियन तक पहुंचा।
निवेशकों के लिए सलाह
रेगो का सुझाव है कि निवेश केवल उन कंपनियों में करें:
जिनकी अमेरिका में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स हैं।
जिनकी अन्य देशों में भी मजबूत उपस्थिति है।
भारत की ग्रोथ स्टोरी और चुनौतियां
RBI ने FY2026 की ग्रोथ 6.5% आंकी है।
S&P ग्लोबल ने इसे घटाकर 6.7% कर दिया है।
FY2027 में 6.8% ग्रोथ का अनुमान है।
रेगो ने कहा कि 7% से अधिक ग्रोथ के लिए बुनियादी ढांचे और मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता का प्रभावी उपयोग जरूरी है।
निष्कर्ष
ट्रंप की टैरिफ नीति फिलहाल भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनकर सामने आई है। हालांकि, लंबे समय में यह सेक्टर लचीला साबित हो सकता है, लेकिन फिलहाल निवेशकों को सावधानी से कदम उठाना होगा।
