STREE Project: DSIR ने NIT रायपुर को दी STREE परियोजना की मंजूरी, सीएम साय बोले– बढ़ेंगे आजीविका के अवसर
रायपुर। ग्रामीण भारत में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) ने NIT रायपुर को STREE परियोजना (Skill Development through Technological Resources for Empowering Economic Growth of Women) स्वीकृत की है। यह परियोजना ग्रामीण महिलाओं के कौशल विकास, उद्यमिता और सतत आजीविका को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

इस परियोजना की स्वीकृति का हस्ताक्षर समारोह 4 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
90 लाख की वित्तीय सहायता, 36 माह की अवधि
STREE परियोजना को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की A2K+ योजना के अंतर्गत समर्थन प्राप्त है। इसके तहत 36 माह के लिए 90 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस परियोजना का क्रियान्वयन NIT रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) के माध्यम से किया जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला कौशल उपग्रह केंद्रों की स्थापना की जाएगी, जहां तीन वर्षों में 300 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
किस तरह मिलेगा महिलाओं को प्रशिक्षण
STREE परियोजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को कई आधुनिक और रोजगारोन्मुखी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:
- कोसा (कोकून) रेशम से फाइबर निष्कर्षण एवं प्रसंस्करण
- आधुनिक बुनाई तकनीक
- उत्पाद डिजाइन एवं विकास
- उद्यमिता विकास कार्यक्रम
- बाजार संपर्क और विपणन सहायता
यह पहल विशेष रूप से कृषि-आधारित एवं हाशिये पर बसे समुदायों की महिलाओं को लक्षित करती है, ताकि महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके।
शासन–प्रशासन और शिक्षण संस्थानों का मजबूत सहयोग
इस परियोजना में धमतरी जिला प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह ठाकुर, CSSDA के सहायक निदेशक डॉ. शैलेंद्र सिंह, DPM जय वर्मा (CGSRLM) स्थानीय समन्वय और क्रियान्वयन में सहयोग करेंगे।
एनआईटी रायपुर की ओर से परियोजना का मार्गदर्शन निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव कर रहे हैं। वहीं डॉ. अनुज कुमार शुक्ला (सहायक प्राध्यापक) इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक हैं। उनके साथ पवन कटारिया सह-प्रधान अन्वेषक के रूप में जुड़े हैं।
महिलाओं के लिए मील का पत्थर: डॉ. रमना राव
एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि STREE परियोजना की स्वीकृति समावेशी नवाचार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीक को जमीनी स्तर के विकास से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं के लिए सतत और स्केलेबल समाधान प्रदान करेगी।
महिला नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा: सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि STREE परियोजना से धमतरी जिले सहित पूरे राज्य की ग्रामीण महिलाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। यह पहल महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों और समावेशी विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
