Railway Recruitment 2026: रेलवे में 19,884 बैकलाग पदों पर होगी बंपर भर्ती, आरक्षित वर्गों के लिए बड़ा मौका
Railway Recruitment 2026 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांगजन श्रेणी में खाली पड़े 19,884 बैकलाग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। इन पदों को आगामी भर्ती चक्रों के माध्यम से रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) द्वारा भरा जाएगा।

किस वर्ग में कितनी रिक्तियां?
1 जनवरी 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शेष बैकलाग रिक्तियां इस प्रकार हैं:
- अनुसूचित जाति (SC) – 6,640 पद
- अनुसूचित जनजाति (ST) – 5,730 पद
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 6,459 पद
- दिव्यांगजन (PwBD) – 1,055 पद
सबसे अधिक रिक्तियां अनुसूचित जाति वर्ग में हैं, जबकि OBC वर्ग में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
क्या होता है बैकलाग पद?
रेलवे के नियमों के अनुसार यदि किसी भर्ती सत्र में आरक्षित वर्गों के पर्याप्त योग्य उम्मीदवार नहीं मिलते, तो उन पदों को समाप्त नहीं किया जाता।
- ऐसे पदों को ‘बैकलाग’ के रूप में सुरक्षित रखा जाता है।
- अगले भर्ती चक्र में इन्हें प्राथमिकता के साथ भरा जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत अब इन 19,884 पदों पर विशेष भर्ती अभियान चलाया जाएगा।
अब तक कितनी हुई भर्ती?
रेलवे के अनुसार 1 जनवरी 2026 तक:
- 18,121 आरक्षित पदों पर नियुक्तियां पूरी की जा चुकी हैं।
- 482 दिव्यांगजन पद भरे गए हैं।
- SC वर्ग की लगभग 43% सीटें भरी जा चुकी हैं।
- OBC वर्ग में 10,186 रिक्तियां पहले ही भरी जा चुकी हैं।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) शशिकांत त्रिपाठी ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी?
रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे भर्ती सेल (RRC) द्वारा आगामी महीनों में इन पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किए जाने की संभावना है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट चेक करते रहें।
क्यों अहम है यह भर्ती?
- आरक्षित वर्गों के युवाओं को बड़ा रोजगार अवसर
- सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका
- लंबित बैकलाग पदों को भरने से प्रतिनिधित्व में संतुलन
रेलवे की यह पहल सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
