निशानची रिव्यू: अनुराग कश्यप का नया धमाका, रॉ एक्शन और दमदार कहानी का तड़का
निशानची रिव्यू:
अनुराग कश्यप की फिल्म ‘निशानची’ ने सिनेमाघरों में धमाकेदार एंट्री मारी है। जबरदस्त एक्शन, गहरी इमोशनल स्टोरी और शानदार परफॉरमेंस ने इसे इस साल की बेस्ट हिंदी फिल्म बना दिया है।

फिल्म की कहानी
‘निशानची’ की शुरुआत होती है बबलू निशानची (ऐश्वर्य ठाकरे), उसकी प्रेमिका रिंकू (वेदिका पिंटो) और भाई डबलू से। बैंक डकैती से लेकर गैंगवार और बदले की आग तक, कहानी दर्शकों को सीट से बांधे रखती है।
फिल्म 2006 से फ्लैशबैक में 1996 तक जाती है और बताती है कि कैसे बबलू गैंगस्टर बना, उसके पिता (विनीत कुमार सिंह) की कहानी और मां मंजरी (मोनिका पंवार) के इमोशंस।
निर्देशन और लेखन
अनुराग कश्यप, रंजन चंदेल और प्रसून मिश्रा की लिखी स्क्रिप्ट में छोटे-छोटे किरदार भी खास बन जाते हैं। हर सबप्लॉट कहानी को गहराई देता है – चाहे वो बबलू-रिंकू की लव स्टोरी हो, मंजरी का संघर्ष या अंबिका प्रसाद (कुमुद मिश्रा) की चालबाजी।
एक्शन और डायलॉग्स
फिल्म का एक्शन रॉ और इंटेंस है, जो दर्शकों को रोमांचित कर देता है। वहीं, डायलॉग्स में देसी फ्लेवर और गहरी बातें दोनों मिलते हैं –
- “मर्द केवल अपने फायदे के लिए औरत को देवी बनाता है।”
- “हॉर्मोन का हारमोनियम” जैसे डायलॉग्स फिल्म को अलग लेवल पर ले जाते हैं।
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
अजय जयंती का वेस्टर्न-स्टाइल बैकग्राउंड स्कोर और अनुराग सैकिया के गाने फिल्म की जान हैं। “मेरी फिलम देखो” और “क्या है, क्या है” पहले ही पॉपुलर हो चुके हैं। भोजपुरी फोक और रोमांटिक गानों का मिक्स इसे और खास बनाता है।
एक्टिंग परफॉरमेंस
- ऐश्वर्य ठाकरे: डेब्यू फिल्म में ही धमाकेदार परफॉरमेंस, गैंगस्टर और मासूम दोनों शेड्स में शानदार।
- वेदिका पिंटो: आत्मविश्वास से भरी परफॉरमेंस, पूरी तरह कैरेक्टर में फिट।
- कुमुद मिश्रा: नेगेटिव रोल में गजब का असर।
- मोनिका पंवार: मां के किरदार में गहराई और इमोशन, फिल्म की जान।
- विनीत कुमार सिंह: छोटे रोल में भी धांसू परफॉरमेंस।
