Featuredबिजनेस

New Labour Codes: WFH से लेकर हेल्थ चेकअप तक… ये 12 बड़े बदलाव हर कर्मचारी को जानना है जरूरी

New Labour Codes: केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में ऐतिहासिक सुधार करते हुए 29 पुराने कानूनों को मिलाकर चार नई श्रम संहिताएं बनाई हैं। ये नए लेबर कोड 21 नवंबर से लागू हो रहे हैं और इनका सीधा असर हर कर्मचारी—फुल-टाइम, पार्ट-टाइम, कॉन्ट्रैक्ट, गिग वर्कर और प्लेटफॉर्म वर्कर—की सैलरी, भत्तों, अधिकारों और जॉब सिक्योरिटी पर पड़ेगा।

New Labour Codes

सरकार का दावा है कि ये बदलाव भारत के श्रम ढांचे को आधुनिक बनाने, कारोबार में सुधार लाने और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

नए लेबर कोड में आए 12 बड़े बदलाव (हर कर्मचारी के लिए महत्वपूर्ण)

1. सभी कर्मचारियों को मिलेगा न्यूनतम वेतन

अब संगठित–असंगठित, सभी सेक्टर्स में हर कर्मचारी को राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी मिलना कानूनी अधिकार होगा। केंद्र सरकार एक न्यूनतम वेतन तय करेगी, जिसे सभी राज्यों को अपनाना होगा।

2. बेसिक सैलरी 50% से कम नहीं होगी

नई परिभाषा के अनुसार बेसिक पे कुल वेतन का कम से कम 50% होना अनिवार्य है।

  • टेक-होम सैलरी थोड़ी घट सकती है
  • लेकिन PF और ग्रेच्युटी बढ़ेगी
  • रिटायरमेंट बेनिफिट्स मजबूत होंगे

3. गिग वर्कर्स को पहली बार सोशल सिक्योरिटी

स्विगी, जोमैटो, ओला, उबर, अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स अब सोशल सिक्योरिटी के दायरे में आएंगे।
एग्रीगेटर्स को अपने टर्नओवर का कुछ हिस्सा एक फंड में जमा करना होगा, जिससे—

  • लाइफ इंश्योरेंस
  • हेल्थ बेनिफिट्स
  • डिसेबिलिटी कवर
    मिलेंगे।

4. ग्रेच्युटी का नियम बदला – अब सिर्फ 1 साल में हक

पहले ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल की नौकरी जरूरी थी। नई संहिता में फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को सिर्फ 1 साल में ग्रेच्युटी का अधिकार होगा।

5. हर कर्मचारी को अनिवार्य अपॉइंटमेंट लेटर

अब हर नियोक्ता को कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य है।
यह—

  • जॉब सिक्योरिटी
  • वेतन सुरक्षा
  • पारदर्शिता
    को बढ़ाता है।
    गिग वर्कर्स पर भी लागू होगा।

6. ओवरटाइम पर मिलेगी दोगुनी सैलरी

अगर कर्मचारी सामान्य काम के घंटों से ज्यादा काम करता है, तो उसे कम से कम डबल पे मिलेगा।

7. पेड लीव पाने का नियम आसान

अब पेड लीव के लिए 240 दिन काम करने की जगह 180 दिन का नियम लागू होगा। मतलब नए कर्मचारियों को जल्दी छुट्टियां मिलेंगी।

8. वर्क फ्रॉम होम को कानूनी मान्यता

सर्विस सेक्टर में नियोक्ता और कर्मचारी की सहमति से WFH की अनुमति दी गई है। इससे काम में लचीलापन बढ़ेगा।

9. 40 साल से ऊपर वालों का फ्री हेल्थ चेकअप

हर नियोक्ता को 40+ उम्र वाले कर्मचारियों का फ्री वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराना होगा।

10. सैलरी टाइम पर देना अनिवार्य

सैलरी भुगतान के लिए अब टाइम-फ्रेम तय:

  • मासिक सैलरी: अगले महीने की 7 तारीख तक
  • नौकरी छोड़ने/निकाले जाने पर: 2 वर्किंग डेज के अंदर

11. यात्रा के दौरान एक्सीडेंट को भी नौकरी से जुड़ा माना जाएगा

घर से ऑफिस, और ऑफिस से घर जाते समय होने वाले एक्सीडेंट को अब एम्प्लॉयमेंट इंजरी माना जाएगा। इससे कर्मचारियों को मुआवजा मिलेगा।

12. श्रमिकों के अधिकार पहले से अधिक स्पष्ट

नई संहिताएं—

  • पारदर्शिता बढ़ाती हैं
  • विवाद समाधान आसान होता है
  • नौकरी की शर्तें बेहतर होती हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *