Naxal commander Hidma killed: झीरम घाटी से बीजापुर IED ब्लास्ट तक, 27 से ज्यादा हमलों का मास्टरमाइंड ढेर
Naxal commander Hidma killed: देश के सबसे खूंखार और मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडरों में शामिल हिडमा सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गया है। हिडमा लगभग तीन दशक से बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों की सैन्य गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। वह झीरम घाटी, दंतेवाड़ा नरसंहार और बीजापुर IED ब्लास्ट जैसे कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था।

छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर ढेर हुआ खूंखार नक्सली
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़–आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी थी, इसी दौरान नक्सलियों की मिलिट्री बटालियन का शीर्ष कमांडर हिडमा मारा गया। हिडमा लंबे समय से नक्सली संगठन की सबसे खतरनाक टुकड़ी का नेतृत्व कर रहा था और कई भीषण नक्सली घटनाओं में उसकी सीधे तौर पर भूमिका सामने आ चुकी थी।
रावुला श्रीनिवास उर्फ रमन्ना की मौत के बाद बना टॉप कमांडर
रमन्ना की मौत के बाद हिडमा को नक्सलियों की सैन्य बटालियन का प्रमुख बनाया गया था। इसके बाद उसकी सक्रियता और खतरनाक हमलों की आवृत्ति और बढ़ गई। सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह सबसे चुनौतीपूर्ण लक्ष्य बन गया था।
हिडमा किन-किन बड़े नक्सली हमलों में शामिल था?
झीरम घाटी हमला (2013)
कांग्रेस नेताओं के काफिले पर किए गए इस हमले में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक नरसंहार माना जाता है।
दंतेवाड़ा हमला (2010)
टाइमेटले क्षेत्र में हुए इस हमले में 76 CRPF जवान शहीद हो गए थे। इसे नक्सलियों द्वारा अंजाम दिए गए सबसे भीषण हमलों में गिना जाता है।
बुरकापाल हमला (2017)
इस हमले में 25 जवान शहीद हुए थे। इस घटना को भी हिडमा की साजिश माना गया।
बीजापुर हमला (2021)
सुरक्षा बलों पर किए गए इस हमले में 22 जवान शहीद हुए थे। हिडमा इस पूरी कार्रवाई का मुख्य रणनीतिकार था।
अरणपुर IED ब्लास्ट (2023)
IED विस्फोट में कई जवान शहीद हुए थे। इस घटना में भी हिडमा की संलिप्तता पाई गई।
27 से अधिक नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड
2004 से 2024 तक हिडमा 27 से ज्यादा बड़ी और खूनी वारदातों में शामिल रहा। उसकी रणनीति, नेटवर्क और जंगलों की गहरी जानकारी ने उसे नक्सलियों का सबसे खतरनाक चेहरा बना दिया था।
