National Epilepsy Day 2025: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय मिर्गी दिवस? जानें इतिहास, महत्व और जरूरी जानकारी
National Epilepsy Day 2025: भारत में हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस (National Epilepsy Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य मिर्गी (Epilepsy) जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। आज भी समाज में इस बीमारी को लेकर कई तरह की गलतफहमियां, मिथक और अंधविश्वास मौजूद हैं। ऐसे में यह दिन लोगों को शिक्षित करने और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का बड़ा माध्यम है।

मिर्गी क्या है?
मिर्गी (Epilepsy) एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है, जिसमें दिमाग की इलेक्ट्रिकल गतिविधि प्रभावित होती है। इससे मरीज को बार-बार दौरे (Seizures) आ सकते हैं।
इसके सामान्य लक्षण हैं:
- चेतना खोना
- शरीर में अनियंत्रित हरकतें
- भ्रम या धीमी सोच
- अचानक डर लगना
- अजीब गंध या संवेदनाओं का अनुभव
मिर्गी किसी भी उम्र में हो सकती है और इसके कारण सिर की चोट, संक्रमण, आनुवंशिक कारण या अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएँ हो सकती हैं।
राष्ट्रीय मिर्गी दिवस का इतिहास
भारत में National Epilepsy Day की शुरुआत Epilepsy Foundation of India ने की थी। यह संस्था 2009 में डॉ. निर्मल सूरी द्वारा मुंबई में स्थापित की गई।
इसका उद्देश्य था—
- मिर्गी के बारे में जागरूकता
- मरीजों के अधिकारों की रक्षा
- बेहतर इलाज और परामर्श उपलब्ध कराना
इसी मिशन को आगे बढ़ाने के लिए 17 नवंबर को नेशनल एपिलेप्सी डे मनाया जाने लगा।
राष्ट्रीय मिर्गी दिवस का महत्व
इस दिन कई प्रमुख मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाता है:
अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव खत्म करना
लोगों में आज भी मिर्गी को लेकर गलत धारणाएँ हैं। यह दिन इन मिथकों को दूर करने का अवसर देता है।
यह बताना कि मिर्गी उपचार योग्य है
नियमित दवा और सही इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
स्कूल, ऑफिस और समाज में जागरूकता बढ़ाना
यह समझाना कि दौरा आने पर कैसे मदद की जाए।
सरकारी और स्वास्थ्य संस्थानों को प्रेरित करना
बेहतर दवाइयां, इलाज और पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए।
मरीजों के अधिकारों की रक्षा
मरीजों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो।
मिर्गी में होने वाले दौरे कितने प्रकार के होते हैं?
फोकल ऑनसेट सीजर्स
यह मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में शुरू होते हैं।
- Focal Aware Seizure: मरीज को होश रहता है।
- Focal Impaired Aware Seizure: मरीज की चेतना खो सकती है।
जनरलाइज्ड ऑनसेट सीजर्स
यह मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को प्रभावित करते हैं।
इसके प्रकार हैं—
- Absence Seizures
- Tonic
- Clonic
- Tonic-Clonic
- Myoclonic
मिर्गी को नियंत्रित रखने के आसान उपाय
- नियमित दवाइयाँ लें
- अच्छी नींद लें
- कैफीन और एनर्जी ड्रिंक्स से बचें
- शरीर में पानी की कमी न होने दें
- तेज़ चमकती रोशनियों से बचें
- तनाव कम करें
National Epilepsy Day पर देशभर में कार्यक्रम
इस दिन स्वास्थ्य कैंप, वर्कशॉप, अवेयरनेस रैली, सेमिनार और कई जन-जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, जिनमें यह सिखाया जाता है कि
- दौरे के समय कैसे सहायता करें
- मरीजों को किस प्रकार का सामाजिक और भावनात्मक समर्थन जरूरी है
