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Mobile Charger Electricity Tips: मोबाइल चार्जर चालू रखने से आपके करोड़ों रुपये हो रहे बर्बाद!

Mobile Charger Electricity Tips: अगर आप मोबाइल चार्ज करने के बाद चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ देते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चार्जर को लगातार चालू रखना न केवल बिजली की बर्बादी करता है, बल्कि इससे देशभर में हर महीने 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो रहा है।

आज मोबाइल हमारी जरूरत बन चुका है — चार्ज खत्म होते ही लोग बेचैन हो जाते हैं और तुरंत चार्जर ढूंढ लेते हैं। लेकिन चार्ज होने के बाद चार्जर को प्लग से निकालना भूल जाना एक बड़ी गलती है, जो न केवल बिजली बिल बढ़ाता है बल्कि पर्यावरण पर भी असर डालता है।

करोड़ों रुपये की बिजली बर्बादी

भारत में करीब 117 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं। अगर हर व्यक्ति चार्जर को सॉकेट में लगाए रखे तो यह छोटी-सी लापरवाही देश के स्तर पर बड़ी आर्थिक हानि में बदल जाती है। रिसर्च के अनुसार, अगर आपका मोबाइल चार्जर सॉकेट में प्लग रहता है तो वह बिना मोबाइल जुड़े भी 0.1 से 0.5 वाट बिजली की खपत करता है।

आइए समझें, कैसे बढ़ता है नुकसान

मान लीजिए —

  • एक चार्जर 0.5 वाट बिजली खपत करता है।
  • यह दिनभर (24 घंटे) सॉकेट में लगा रहता है।

गणना:

0.5 वाट × 24 घंटे = 12 वाट-घंटा (0.012 kWh)
महीने में = 0.012 × 30 = 0.36 kWh
अगर बिजली दर ₹7 प्रति यूनिट है, तो
0.36 × ₹7 = ₹2.52 प्रति महीना

यानि एक व्यक्ति हर महीने करीब ₹2.5 रुपये बिजली व्यर्थ करता है।

अब कल्पना करें — अगर भारत के 117 करोड़ मोबाइल यूजर्स ऐसा करें, तो हर महीने लगभग ₹200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिजली बर्बाद हो जाती है। सालभर में यह आंकड़ा ₹2500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाता है।

बिजली ही नहीं, डिवाइस को भी नुकसान

लगातार सॉकेट में लगा चार्जर गर्म रहता है, जिससे:

  • इसकी लाइफ कम होती है,
  • बिजली शॉर्ट-सर्किट या आग लगने का खतरा बढ़ जाता है,
  • और बिजली की अनावश्यक खपत होती रहती है।

इसलिए, जब भी आपका मोबाइल चार्ज हो जाए, चार्जर को सॉकेट से निकालना न भूलें।

छोटी जागरूकता, बड़ा असर

यह एक साधारण आदत में बदलाव है, लेकिन इससे आप न सिर्फ अपना बिजली बिल घटा सकते हैं बल्कि देश की ऊर्जा बचाने में भी योगदान दे सकते हैं। चार्जर को हमेशा प्लग में लगाए रखना सिर्फ आलस नहीं, बल्कि ऊर्जा और पैसे दोनों की बर्बादी है। थोड़ी सावधानी रखकर आप हर महीने कुछ रुपये बचा सकते हैं, जो मिलकर देश की करोड़ों की बचत बन जाती है।

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