Meta Fine: Meta पर 3,000 करोड़ का जुर्माना बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने का दोषी करार
Meta Fine: Meta को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। New Mexico की कोर्ट ने कंपनी पर बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने और खतरों को छिपाने का दोष साबित करते हुए करीब 375 मिलियन डॉलर (लगभग 3,000 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है।

क्या कहा कोर्ट ने?
करीब सात हफ्तों तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने माना कि Meta ने:
- बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा मुनाफे को प्राथमिकता दी
- प्लेटफॉर्म के जोखिमों को छिपाया
- मानसिक स्वास्थ्य और यौन शोषण से जुड़े खतरों पर भ्रामक जानकारी दी
चीफ जज Brian Biedscheid ने कहा कि कंपनी ने “अनुचित और भ्रामक व्यापारिक तरीके” अपनाए और बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाया।
किन प्लेटफॉर्म्स पर उठे सवाल?
जांच में पाया गया कि Meta के लोकप्रिय प्लेटफॉर्म:
पर बच्चों के लिए मौजूद खतरों की जानकारी कंपनी को पहले से थी, लेकिन उसे सार्वजनिक नहीं किया गया।
कैसे लगा इतना बड़ा जुर्माना?
- कुल 37,500 उल्लंघनों में Meta को दोषी पाया गया
- हर उल्लंघन पर 5,000 डॉलर का जुर्माना
- कुल पेनल्टी: 375 मिलियन डॉलर
दुनियाभर में बढ़ रही सख्ती
इस फैसले के बाद अन्य देशों में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ रही है:
- Australia: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर रोक
- Germany: बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर कड़े नियम
आगे क्या होगा?
- California की फेडरल कोर्ट में भी Meta और YouTube से जुड़ा मामला लंबित है
- इस फैसले को टेक कंपनियों के लिए चेतावनी माना जा रहा है
- आने वाले समय में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर और सख्त कानून बन सकते हैं
क्या कहता है यह फैसला?
यह फैसला साफ संकेत देता है कि अब टेक कंपनियों को सिर्फ मुनाफे नहीं, बल्कि यूजर्स—खासतौर पर बच्चों—की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
