Lok Adalat:साल की आखिरी लोक अदालत इस हफ्ते लगेगी, पुराने ट्रैफिक चालान माफ करवाने का आखिरी मौका – जानें पूरी प्रक्रिया
Lok Adalat: देशभर में हर दिन हजारों वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप भारी संख्या में चालान काटे जाते हैं। इन चालानों का निपटारा तेज़ी से करने और लोगों को राहत देने के लिए समय-समय पर लोक अदालत (Lok Adalat) का आयोजन किया जाता है। अगर आपके ऊपर भी पुराने ट्रैफिक चालान लंबित हैं, तो यह हफ्ता आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

13 दिसंबर को लगेगी साल की आखिरी लोक अदालत
सरकार और न्यायिक प्रशासन की कोशिश रहती है कि लंबित ट्रैफिक चालान और छोटे विवादों का जल्द समाधान किया जाए। इसी के तहत 13 दिसंबर को साल की अंतिम लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसमें ट्रैफिक नियमों से जुड़े कई तरह के चालानों का निपटारा किया जाएगा।
लोक अदालत में निपटारा कैसे होता है?
लोक अदालत में मामलों का समाधान सामान्य कोर्ट की तुलना में —
- कम समय में
- कम खर्च में
- बिना किसी जटिल कानूनी प्रक्रिया के
किया जाता है।
कई छोटे मामलों में तो जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया जाता है, जबकि कुछ में कम राशि लेकर निपटारा किया जाता है।
किन चालानों पर मिल सकती है माफी?
लोक अदालत में आमतौर पर निम्न प्रकार के चालान माफ या कम किए जाते हैं:
- बिना हेलमेट गाड़ी चलाना
- सीट बेल्ट न लगाना
- रेड सिग्नल तोड़ना
- गलत पार्किंग
- गाड़ी में प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) न होना
- वाहन बीमा समाप्त होना
इन मामलों में अक्सर राहत मिल जाती है और कई बार जुर्माना भी समाप्त कर दिया जाता है।
किन मामलों में नहीं मिलेगी माफी?
कुछ गंभीर उल्लंघनों में लोक अदालत राहत नहीं देती, जैसे—
- नशे में वाहन चलाना
- हिट एंड रन केस
- जान का जोखिम बढ़ाने वाले गंभीर ट्रैफिक अपराध
ऐसे मामलों को लोक अदालत में माफ नहीं किया जाता।
लोक अदालत में जाने से पहले ये दस्तावेज साथ रखें:
लोक अदालत में मामले के निपटारे के लिए आपको कुछ आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाने होंगे—
- टोकन (लोक अदालत के लिए)
- चालान की कॉपी
- वाहन का रजिस्ट्रेशन (RC)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- आधार कार्ड या वोटर आईडी
- अन्य वाहन से जुड़े दस्तावेज
इन दस्तावेजों के साथ आपका पूरा मामला आसानी से निपट जाएगा।
