KSH International IPO: लिस्टिंग पर निवेशकों को झटका, पैसा डूबा या बना लॉन्ग टर्म मौका?
KSH International IPO: मैग्नेट वायर बनाने वाली कंपनी KSH International का आईपीओ शेयर बाजार में उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। मजबूत सब्सक्रिप्शन और ग्रोथ स्टोरी के बावजूद कंपनी के शेयर डिस्काउंट पर लिस्ट हुए, जिससे IPO निवेशकों को शुरुआती नुकसान झेलना पड़ा।

KSH International के शेयर BSE और NSE पर 370 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जबकि इसका इश्यू प्राइस 384 रुपये था। यानी लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को करीब 3.65% का नुकसान हुआ। ट्रेडिंग के दौरान शेयर और फिसलकर 358.70 रुपये तक पहुंच गया, जिससे कुल नुकसान 6.5% से ज्यादा हो गया।
IPO सब्सक्रिप्शन के बावजूद क्यों आई गिरावट?
KSH International का 644 करोड़ रुपये का IPO 16 से 18 दिसंबर के बीच खुला था, लेकिन यह पूरी तरह सब्सक्राइब नहीं हो सका।
- कुल सब्सक्रिप्शन: 0.87 गुना
- QIBs: 1.12 गुना
- NII: 0.44 गुना
- Retail Investors: 0.91 गुना
कम रिटेल और NII भागीदारी को बाजार विशेषज्ञ लिस्टिंग पर दबाव की बड़ी वजह मान रहे हैं।
IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहां होगा?
IPO के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी बैलेंस शीट मजबूत करने में करेगी:
- ₹225.98 करोड़ – कर्ज चुकाने के लिए
- ₹87.02 करोड़ – नई मशीनरी और प्लांट विस्तार
- ₹8.83 करोड़ – रूफटॉप सोलर पावर प्लांट
- शेष राशि – सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए
KSH International: कंपनी प्रोफाइल
1979 में स्थापित KSH International, भारत की तीसरी सबसे बड़ी मैग्नेट वायर निर्माता और सबसे बड़ी एक्सपोर्टर है। कंपनी पावर, रिन्यूएबल एनर्जी, रेलवे, ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों को सप्लाई करती है।
- 24 देशों में एक्सपोर्ट
- ग्राहक: Power Grid, NTPC जैसे PSU
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट: तलोजा, चाकन और सुपा (नया प्लांट)
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मजबूत
- FY2023 मुनाफा: ₹26.61 करोड़
- FY2024 मुनाफा: ₹37.35 करोड़
- FY2025 मुनाफा: ₹67.99 करोड़
FY2026 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में ही कंपनी ने ₹22.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए मौका या खतरा?
शॉर्ट टर्म में लिस्टिंग नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन मजबूत फाइनेंशियल ग्रोथ, एक्सपोर्ट बिजनेस और कर्ज घटाने की रणनीति को देखते हुए लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट मौका बन सकती है। हालांकि, निवेश से पहले जोखिम और वैल्यूएशन का आकलन जरूरी है।
