Indian Stock Market: 3 हफ्तों की तेजी खत्म, रुपया रिकॉर्ड लो पर
Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में तीन हफ्तों से जारी तेजी का सिलसिला इस हफ्ते टूट गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली, अमेरिकी टैरिफ और वीज़ा शुल्क बढ़ोतरी, फार्मा सेक्टर पर दबाव और रुपये के रिकॉर्ड लो स्तर ने बाजार को जोरदार झटका दिया।

मार्केट कैप और इंडेक्स का हाल
- बीएसई लिस्टेड कंपनियों का 16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का मार्केट कैप हफ्तेभर में साफ हो गया।
- सेंसेक्स: 2,199.77 अंक (2.66%) गिरकर 80,426.46 पर बंद।
- निफ्टी: 672.35 अंक (2.65%) टूटकर 24,654.70 पर बंद।
- बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स: 4.2% गिरा।
- बीएसई मिडकैप इंडेक्स: 4.5% टूटा।
- बीएसई लार्जकैप इंडेक्स: 3% गिरावट दर्ज की।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
- सबसे बड़ी गिरावट: Tata Consultancy Services, Reliance Industries, Infosys, HDFC Bank.
- सबसे ज्यादा बढ़त: Maruti Suzuki India, Larsen & Toubro, Axis Bank.
सेक्टोरल इंडेक्स प्रदर्शन
- निफ्टी IT: -8%
- निफ्टी रियल्टी: -6%
- निफ्टी फार्मा: -5.2%
- निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल: -4.6%
- निफ्टी डिफेंस: -4.4%
IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव रहा। Tech Mahindra, TCS और LTIMindtree जैसे दिग्गज शेयर टॉप लूजर्स में रहे।
विदेशी और घरेलू निवेश का हाल
- FII: लगातार 13वें सप्ताह शुद्ध विक्रेता, 19,570.03 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।
- DII: लगातार 24वें सप्ताह खरीदार, 17,411.40 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया भी इस हफ्ते दबाव में रहा।
- 26 सितंबर को रुपया 88.80 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ।
- 19 सितंबर को यह 88.10 पर था।
- पूरे हफ्ते रुपया 88.12–88.80 के दायरे में कारोबार करता रहा।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार और रुपया दोनों ही इस हफ्ते निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुए। IT और फार्मा सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार, डॉलर की मजबूती और FII की रणनीति पर बाजार की चाल निर्भर करेगी।
