India-US Interim Trade Deal: भारत में हार्ले-डेविडसन बाइक हो सकती हैं सस्ती, इस इंजन कैपेसिटी पर इंपोर्ट ड्यूटी होगी खत्म
India-US Interim Trade Agreement: भारत और अमेरिका के बीच होने वाले अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट से ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस डील के तहत भारत में हार्ले-डेविडसन की प्रीमियम मोटरसाइकिलें सस्ती हो सकती हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कुछ चुनिंदा इंजन कैपेसिटी वाली बाइक्स पर इंपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह खत्म करने पर सहमति बन गई है।

हार्ले-डेविडसन की किन बाइक्स पर खत्म होगी इंपोर्ट ड्यूटी?
सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने अंतरिम ट्रेड डील के तहत
800cc और 1600cc इंजन कैपेसिटी वाली हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट ड्यूटी शून्य (Zero Duty) करने पर सहमति जताई है।
इस फैसले के बाद इन हाई-एंड बाइक्स की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। उम्मीद है कि यह छूट डील साइन होने के तुरंत बाद, संभवतः मार्च के आसपास लागू हो जाएगी।
हाई-एंड कारों पर भी मिलेगी राहत
इस ट्रेड एग्रीमेंट के तहत सिर्फ मोटरसाइकिल ही नहीं, बल्कि कुछ हाई-एंड कारों पर भी टैरिफ में कटौती होगी।
- 3000cc से ज्यादा इंजन कैपेसिटी वाली इंटरनल कंबशन इंजन कारों पर
- इंपोर्ट ड्यूटी 110% से घटाकर 30% कर दी जाएगी
हालांकि, इस डील में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) को शामिल नहीं किया गया है।
अमेरिका के रेसिप्रोकल टैरिफ में बड़ी कटौती
भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने भी भारत को बड़ी राहत देने पर सहमति जताई है।
- भारत पर अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ 50% से घटकर 18% हो जाएगा
इसे लेकर अमेरिका की ओर से अगले हफ्ते एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी होने की संभावना है। हालांकि, सभी छूट औपचारिक रूप से डील साइन होने के बाद ही लागू होंगी।
लोअर और मिड-टियर ऑटोमोबाइल्स को नहीं मिलेगी राहत
सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि इस अंतरिम ट्रेड डील के तहत:
- लोअर और मिड-टियर कारों व बाइक्स को टैरिफ में कोई छूट नहीं मिलेगी
- केवल हाई-एंड और लग्जरी सेगमेंट को ही फायदा होगा
हालांकि, भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के एक्सपोर्ट के लिए अमेरिका में प्रेफरेंशियल टैरिफ-रेट कोटा मिलेगा।
भारतीय ऑटो पार्ट्स एक्सपोर्ट को मिलेगा फायदा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार,
- कुछ भारतीय ऑटो पार्ट्स अमेरिका में जीरो ड्यूटी पर एक्सपोर्ट किए जाएंगे
- बाकी पार्ट्स पर 18% टैरिफ लागू रहेगा
इससे भारत के ऑटो कंपोनेंट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
यूरोप और UK के साथ भी मिलती-जुलती डील
भारत पहले ही यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ ट्रेड एग्रीमेंट में ऐसी छूट दे चुका है।
इन डील्स के तहत:
- यूरोपीय लग्जरी गाड़ियों पर इंपोर्ट ड्यूटी
- कई सालों में धीरे-धीरे घटाई जाएगी
- कुछ मामलों में ड्यूटी करीब 10% तक आ सकती है
