Honey City of UP: शहद का शहर 35 हज़ार तक बिकती है एक किलो की कीमत
Honey City of UP:
शहद को आयुर्वेद में औषधीय गुणों और स्वास्थ्य लाभों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला अपने विशाल शहद उत्पादन और क्वालिटी की वजह से ‘सिटी ऑफ हनी’ (City of Honey) के नाम से मशहूर है।

सहारनपुर क्यों कहलाता है ‘शहद का शहर’?
सहारनपुर जिले को यह पहचान इसलिए मिली है क्योंकि यहां हर साल 8000 से 10000 क्विंटल शहद का उत्पादन होता है। यह इलाका मधुमक्खी पालन के लिए बेहद उपयुक्त है, जिसकी वजह से यहां पूरे साल शहद उत्पादन होता है।
यही नहीं, सहारनपुर का शहद भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और मध्य पूर्व देशों तक एक्सपोर्ट किया जाता है।
सहारनपुर में मिलने वाली शहद की किस्में
यहां शहद की कई अलग-अलग किस्में पाई जाती हैं, जिनमें शामिल हैं –
- मल्टीफ्लोरल शहद
- लीची शहद
- तुलसी शहद
- रोज़वुड शहद
- देवदार शहद
- अजवाइन शहद
- सौंफ शहद
हर शहद का स्वाद और स्वास्थ्य लाभ अलग होता है।
सहारनपुर का शहद और उसकी पहचान
- यहां शहद की कीमत उसकी क्वालिटी और शुद्धता पर निर्भर करती है।
- इसकी कीमत ₹500 से शुरू होकर ₹35,000 तक पहुंच जाती है।
यह व्यवसाय सहारनपुर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ हजारों लोगों को रोजगार भी दे रहा है।
निष्कर्ष
सहारनपुर आज देश और विदेश में हनी प्रोडक्शन हब के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। यहां का शुद्ध और प्राकृतिक शहद न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, बल्कि भारतीय किसानों और उद्यमियों के लिए कमाई का बड़ा स्रोत भी है। यही वजह है कि सहारनपुर को सही मायनों में ‘सिटी ऑफ हनी’ कहा जाता है।
