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H1B Visa Fee Hike: IT सेक्टर और शेयर बाजार पर बड़ा असर, जानें किन पर सबसे ज्यादा प्रभाव

H1B Visa Fee Hike: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा फैसले ने भारतीय आईटी सेक्टर में हलचल मचा दी है। अब H1B वीज़ा शुल्क बढ़ाकर 100,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) कर दिया गया है, जो पहले महज 2,000-5,000 डॉलर के बीच था। यह नया शुल्क 21 सितंबर 2025 से लागू हो गया है।

चूंकि अमेरिका में जारी कुल H1B वीज़ा का लगभग 70% भारतीय प्रोफेशनल्स लेते हैं, इसलिए इसका सीधा असर भारत की आईटी कंपनियों और घरेलू शेयर बाजार पर देखने को मिलेगा।

IT कंपनियों पर सीधा प्रभाव

भारत की टॉप आईटी कंपनियां जैसे TCS, Infosys, Wipro, HCLTech, LTI Mindtree और Tech Mahindra अमेरिका में अपने बड़े वर्कफोर्स के लिए H1B वीज़ा पर निर्भर हैं। नए शुल्क के चलते कंपनियों के खर्चे तेजी से बढ़ेंगे और इससे उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बनेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अतिरिक्त लागत इन कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ का लगभग 10% तक खा सकती है। इसका असर सोमवार से ही आईटी शेयरों में बिकवाली के रूप में दिखने की संभावना है।

शुक्रवार को IT ADRs में गिरावट

ट्रम्प के आदेश के बाद शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों के ADRs गिरे:

  • Infosys ADR 7.5% तक टूटकर $16.24 पर गया, हालांकि बंद होते समय 3.14% गिरकर $16.97 पर रहा।
  • Wipro ADR 2.10% गिरकर $2.80 पर बंद हुआ।

किन कंपनियों ने सबसे ज्यादा H1B वीज़ा लिए?

  • Amazon: 10,044 H1B वीज़ा
  • TCS: 5,505
  • Microsoft: 5,189
  • Infosys: 2,004
  • LTI Mindtree: 1,807
  • HCL America: 1,728
  • Wipro: 1,523
  • Tech Mahindra (US): 951

स्पष्ट है कि सबसे ज्यादा असर भारतीय आईटी दिग्गज कंपनियों पर पड़ेगा।

एक्सपर्ट्स की राय

  • सुनील सुब्रमण्यम (पूर्व CEO, Sundaram MF): “यह खबर शॉर्ट टर्म में IT कंपनियों के लिए नकारात्मक है। लेकिन आईटी शेयरों में हर गिरावट को लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदारी का मौका माना जा सकता है।”
  • अंबरीश बालिगा (मार्केट एनालिस्ट): “TCS और Infosys जैसी कंपनियां लंबे समय में इससे उबर जाएंगी। शुरुआती दबाव के बाद ये कंपनियां भारत में सस्ता वर्कफोर्स इस्तेमाल करके मार्जिन बचा सकती हैं।”

निफ्टी IT इंडेक्स पर असर

शुक्रवार को निफ्टी आईटी इंडेक्स 36,578.25 पर था, जो अपने 52 हफ्ते के उच्च स्तर (45,995.80) से काफी नीचे है। सोमवार को इसमें और कमजोरी देखने को मिल सकती है।

H1B वीज़ा फीस बढ़ोतरी से भारतीय आईटी कंपनियों पर बड़ा खर्च का बोझ आएगा। शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार पर दबाव रहेगा, लेकिन लंबी अवधि में बड़ी आईटी कंपनियां इसे अवसर में बदल सकती हैं।

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