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Gold Silver Price Today: ईरान युद्ध के बीच सोना ₹1800 टूटा, चांदी ₹4000 से ज्यादा लुढ़की, जानें MCX पर ताजा भाव

नई दिल्ली: सोमवार 9 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक संकट का असर अब सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। Gold और Silver की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना 1800 रुपये से ज्यादा गिर गया, जबकि चांदी में 4000 रुपये से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

Gold Silver Price Today 9 March 2026


MCX पर सोना और चांदी का ताजा भाव

शुक्रवार को MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,61,634 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 2,68,285 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।

सोमवार सुबह बाजार खुलते ही दोनों धातुओं में गिरावट देखने को मिली।

  • सोना करीब 1251 रुपये गिरकर 1,60,383 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा।
  • चांदी 4433 रुपये गिरकर 2,63,852 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और मजबूत डॉलर के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है।

इंटरनेशनल मार्केट में भी गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है।

  • स्पॉट गोल्ड करीब 1.7% गिरकर 5,082 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
  • अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 1.4% गिरकर 5,099 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
  • वहीं स्पॉट सिल्वर करीब 2.2% गिरकर 82.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।

मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे वैश्विक मांग कमजोर पड़ी है।

कच्चे तेल की कीमतों का भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। इसके कारण निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। इसी वजह से निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।

एक्सपर्ट की राय

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। डॉलर इंडेक्स, मिडिल ईस्ट तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण कीमतें अस्थिर रह सकती हैं। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कीमतों में गिरावट के दौरान धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना एक बेहतर रणनीति हो सकती है।

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