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Gold-Silver Crash: चांदी का फूटा बुलबुला, एक दिन में ₹1 लाख से ज्यादा टूटी कीमत, सोना भी 33 हजार रुपये फिसला

नई दिल्ली: कीमती धातुओं के बाजार में शुक्रवार को हड़कंप मच गया। बीते कुछ दिनों से लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच रहे सोना और चांदी अचानक धड़ाम हो गए। सिर्फ एक कारोबारी दिन में जहां चांदी 1 लाख रुपये प्रति किलो से ज्यादा टूट गई, वहीं 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर 33,000 रुपये से ज्यादा सस्ता हो गया। इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।

Gold-Silver Crash


चांदी का बुलबुला फूटा

विशेषज्ञों की आशंका आखिरकार सच साबित हुई और Silver Bubble Burst हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और 4,20,048 रुपये के हाई पर पहुंच गई थी। लेकिन शुक्रवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी का भाव तेजी से गिरकर 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर आ गया। यानी महज एक दिन में चांदी 1,07,971 रुपये सस्ती हो गई। हाई लेवल से तुलना करें तो चांदी करीब 1.28 लाख रुपये टूट चुकी है।

सोना भी नहीं बचा गिरावट से

सिर्फ चांदी ही नहीं, Gold Price Crash भी देखने को मिला। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने का भाव गुरुवार को 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो शुक्रवार को गिरकर 1,50,849 रुपये रह गया। अगर सोने के लाइफटाइम हाई की बात करें, तो गुरुवार को सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था। वहां से इसमें 42,247 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई।

अचानक क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक इस Gold-Silver Price Crash के पीछे कई बड़े कारण हैं—

  • मुनाफावसूली (Profit Booking): रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने भारी बिकवाली की।
  • डॉलर में मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से गोल्ड-सिल्वर की ग्लोबल डिमांड घटी।
  • US Treasury Yield में तेजी: सुरक्षित बॉन्ड में बेहतर रिटर्न मिलने से निवेशकों का रुझान बदला।
  • ETF में गिरावट: गोल्ड और सिल्वर ETF में भी जोरदार बिकवाली देखने को मिली।
  • वैश्विक तनाव में कमी: डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और फेड से जुड़ी खबरों ने सेफ-हेवन डिमांड को कमजोर किया।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इतनी तेज गिरावट के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और लॉन्ग-टर्म रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

नोट: सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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