Gemini Nano Banana Fake PAN–Aadhaa Scam?: अब नहीं बना पाएंगे Fake पैन और आधार कार्ड Google ने लिया बड़ा एक्शन, जानें पूरा मामला
गूगल के एआई टूल Gemini Nano Banana Pro पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस एआई मॉडल की मदद से ऐसे नकली PAN और Aadhaar कार्ड बनाए गए, जो देखने में बिल्कुल असली लग रहे थे। सोशल मीडिया पर यह खुलासा होते ही गूगल ने तुरंत कार्रवाई की और सरकारी पहचान पत्र बनाने के सभी विकल्प बंद कर दिए। इस घटना ने लोगों की प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

कैसे पकड़ा गया Fake PAN–Aadhaar स्कैम?
बेंगलुरु में Sarvam AI में काम करने वाले हरवीन सिंह चड्ढा ने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि Gemini Nano Banana Pro की मदद से उन्होंने एक काल्पनिक व्यक्ति Twiteerpreet Singh के नकली PAN और Aadhaar कार्ड बनाए।
इन आईडी कार्ड्स को देखकर कोई भी धोखा खा सकता था क्योंकि:
- डिजाइन बिल्कुल असली कार्ड जैसा था
- QR कोड और फोटो भी वास्तविक दिख रहे थे
- फॉर्मेट और फॉन्ट असली पहचान पत्र जैसा था
हालांकि, ध्यान से देखने पर नीचे दाईं ओर छोटा सा Gemini लोगो दिखाई देता है। लेकिन यह भी किसी ऐप के जरिए हटाया जा सकता है।
असली और नकली में फर्क करना मुश्किल
गूगल की तरफ से इमेज में शामिल किया गया SynthID वॉटरमार्क मेटाडेटा में छिपा होता है।
- नज़र से पहचानना लगभग नामुमकिन
- आम लोग, होटल रिसेप्शनिस्ट, सिक्योरिटी स्टाफ इसे पहचान नहीं पाएंगे
- एयरपोर्ट, होटल चेक-इन, सिम खरीदने जैसी जगहों पर बड़ा खतरा
यानी ऐसे दस्तावेज़ का दुरुपयोग धोखाधड़ी को बढ़ा सकता था।
Google की त्वरित कार्रवाई
मामला सामने आते ही गूगल ने तुरंत कदम उठाए:
- Gemini वेबसाइट और ऐप पर किसी भी सरकारी ID कार्ड बनाने का ऑप्शन ब्लॉक किया गया
- अब एआई से PAN, Aadhaar, पासपोर्ट जैसे आधिकारिक डॉक्यूमेंट बनाने को कहा जाए तो यह साफ मना कर देता है
- यह प्रतिबंध काल्पनिक कैरेक्टर्स के लिए भी लागू है
गूगल का कहना है कि यह कदम यूजर सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इस निर्णय का महत्व
- फर्जी पहचान पत्र बनने पर रोक
- डिजिटल धोखाधड़ी और फेक वेरिफिकेशन के मामले कम होंगे
- सरकारी दस्तावेज़ों की सुरक्षा बढ़ेगी
- एआई टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग रोकने की दिशा में बड़ा कदम
