‘धर्मेंद्र तुमसे कभी शादी नहीं करेंगे’, जब डिंपल कपाड़िया ने हेमा मालिनी को दी थी ये सलाह — जानें पूरी कहानी
Bollywood News: बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी और वेटरन एक्ट्रेस डिंपल कपाड़िया की दोस्ती 70 के दशक की सबसे चर्चित कहानियों में से एक है। दोनों के बीच उम्र का फर्क जरूर था, लेकिन जीवन के संघर्षों ने उन्हें करीब ला दिया था। वहीं, हेमा के जीवन में राजेश खन्ना और धर्मेंद्र दोनों की मौजूदगी ने इस कहानी को और भी दिलचस्प बना दिया था।

हेमा मालिनी की ऑथराइज्ड बायोग्राफी “हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल” में इस दोस्ती और रिश्तों की जटिलता का ज़िक्र है। इसी किताब में खुलासा हुआ कि एक वक्त ऐसा भी था जब डिंपल कपाड़िया ने हेमा से कहा था —
“यह आदमी (धर्मेंद्र) तुमसे कभी शादी नहीं करेगा।”
राजेश खन्ना और हेमा के बीच मतभेद
राजेश खन्ना उस दौर के सुपरस्टार थे, लेकिन अपने को-स्टार्स के प्रति उनका रवैया अक्सर अहंकारी माना जाता था। हेमा मालिनी ने अपनी किताब में बताया कि राजेश उनके साथ “अजीब व्यवहार” करते थे और उन्हें अहमियत नहीं देते थे। इसके बावजूद, दोनों ने करीब 13 फिल्मों में साथ काम किया। दरअसल, हेमा की डिंपल कपाड़िया से दोस्ती इस प्रोफेशनल रिलेशन का बड़ा कारण थी।
डिंपल-हेमा की दोस्ती
डिंपल की शादी 16 साल की उम्र में राजेश खन्ना से हुई थी, जबकि हेमा मालिनी उस समय 25 साल की थीं। दोनों ही अपने निजी जीवन में भावनात्मक संघर्षों से गुजर रही थीं। हेमा ने किताब में लिखा:
“डिंपल मुझे छोटी बहन जैसी लगती थी। वह शादी के बाद बहुत अकेली हो गई थी।”
हेमा ने बताया कि डिंपल अक्सर शूटिंग लोकेशन पर अकेली होतीं, सिगरेट या ड्रिंक करतीं — लेकिन उन्हें कभी गलत नहीं लगा, क्योंकि वह समझती थीं कि डिंपल अंदर से बहुत टूटी हुई थीं।
डिंपल की सलाह — “धर्मेंद्र तुमसे कभी शादी नहीं करेंगे”
किताब में डिंपल कपाड़िया ने बताया कि वह हेमा की लव लाइफ को लेकर काफी इमोशनल हो जाती थीं। उन्होंने कहा था —
“मैं हेमा से कहती थी, यह आदमी (धर्मेंद्र) तुमसे कभी शादी नहीं करेगा। तुम्हें जागना होगा और इसके बारे में कुछ करना होगा।”
हालांकि, डिंपल की ये भविष्यवाणी गलत साबित हुई। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी ने 1980 में शादी कर ली और उनकी दो बेटियां — ईशा और अहाना देओल हैं।
दोस्ती जो मिसाल बन गई
हालांकि दोनों की जिंदगी अलग राहों पर चली गई, लेकिन हेमा और डिंपल की दोस्ती बॉलीवुड में महिला एकजुटता की एक मिसाल बन गई। दोनों ने एक-दूसरे के संघर्षों को समझा और बिना किसी जलन के एक-दूसरे का साथ दिया।
