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Dhanteras 2025: सिर्फ सोना-चांदी नहीं, इन 5 चीजों की खरीदारी से भी बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा

Dhanteras 2025: धनतेरस से दिवाली के पांच दिवसीय पर्व की शुरुआत होती है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरी की पूजा की जाती है। परंपरागत रूप से लोग सोना, चांदी और बर्तन खरीदते हैं, ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे। लेकिन क्या आप जानते हैं? इस दिन कुछ ऐसी पांच चीजें भी हैं जिन्हें खरीदना बेहद शुभ और धनवर्धक माना जाता है। अगर आप इस धनतेरस पर सोना या चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो चिंता की बात नहीं — ये पांच वस्तुएं खरीदने से भी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन, आरोग्य और सौभाग्य का वास होता है।

Dhanteras 2025


धनतेरस 2025 कब है?

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12:18 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर 2025 को दोपहर 01:51 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल के कारण धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा।

धनतेरस पर क्या खरीदना है शुभ?

गोमती चक्र – धन की स्थिरता का प्रतीक

गोमती चक्र समुद्र में मिलने वाला एक विशेष शंख जैसा पदार्थ है, जिसे देवी लक्ष्मी का प्रिय माना गया है। धनतेरस पर इसे खरीदकर घर के धन स्थान पर रखना अत्यंत शुभ होता है। इससे धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है अगर गोमती चक्र पीले रंग का मिले, तो इसे और भी ज्यादा शुभ माना गया है।

झाड़ू – दरिद्रता दूर करने का प्रतीक

धनतेरस पर नई झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना गया है। शास्त्रों में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक बताया गया है। कहते हैं कि इस दिन खरीदी गई झाड़ू घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता को दूर करती है। ध्यान रहे — खरीदी गई नई झाड़ू का उपयोग उसी दिन न करें, बल्कि उसे साफ स्थान पर रख दें।

नए बर्तन – सौभाग्य और आरोग्य के लिए

धनतेरस पर तांबे और पीतल के बर्तन खरीदने की परंपरा है। इन धातुओं का संबंध आरोग्य, शुद्धता और समृद्धि से होता है। धनतेरस के दिन नए बर्तन घर लाने से सौभाग्य, स्वास्थ्य और धन-धान्य में वृद्धि होती है।

नमक – नकारात्मकता दूर करने वाला तत्व

शास्त्रों के अनुसार, नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करता है। धनतेरस पर सेंधा नमक खरीदना शुभ माना गया है। इसे घर में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

धनिया – समृद्धि का प्रतीक

सूखा धनिया आर्थिक उन्नति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। धनतेरस पर पूजा के समय कुछ साबुत धनिया के बीज मां लक्ष्मी को अर्पित करें और बाद में उन्हें अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। ऐसा करने से सालभर धन लाभ और सुख-समृद्धि के योग बनते हैं।

निष्कर्ष

धनतेरस का दिन सिर्फ खरीदारी का नहीं, बल्कि शुभ आरंभ और आस्था का प्रतीक है। चाहे सोना-चांदी हो या झाड़ू, गोमती चक्र और धनिया — इन वस्तुओं की खरीदारी आपके जीवन में समृद्धि, सौभाग्य और सकारात्मकता लेकर आती है। इस धनतेरस 2025 पर सही वस्तुएं खरीदकर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करें और पूरे वर्ष सुख-समृद्धि का आनंद लें।

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