Cycling Achievement: रायपुर के साइकिलिस्टों की बड़ी उपलब्धि, 600 किमी साइकिल राइड की पूरी
Cycling Achievement: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइकिलिंग जगत से एक गर्व करने वाली उपलब्धि सामने आई है। शहर के दो साइकिलिस्ट सुरेश दुआ और मानव खुराना ने 14 दिसंबर को 600 किलोमीटर की कठिन साइकिल राइड को मात्र 33 घंटे 28 मिनट में पूरा कर सुपर रैंडोन्यूर (Super Randonneur – SR) का प्रतिष्ठित खिताब हासिल किया।

दोनों साइकिलिस्टों ने यह चुनौतीपूर्ण राइड रायपुर से संबलपुर और फिर वापस रायपुर तक पूरी की। इस पूरी राइड के दौरान उन्होंने केवल 3 घंटे की नींद ली, जबकि इस ब्रेवेट को पूरा करने की अधिकतम समय-सीमा 40 घंटे निर्धारित थी।
पहली बार मानव खुराना, 10वीं बार सुरेश दुआ बने सुपर रैंडोन्यूर
यह उपलब्धि मानव खुराना के लिए खास रही, क्योंकि उन्होंने पहली बार सुपर रैंडोन्यूर का खिताब अपने नाम किया है। वहीं सुरेश दुआ ने यह खिताब 10वीं बार अर्जित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
क्या होता है सुपर रैंडोन्यूर (SR)?
सुपर रैंडोन्यूर (Super Randonneur – SR) एक अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग सम्मान है, जो किसी एक कैलेंडर वर्ष (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के भीतर
- 200 किमी,
- 300 किमी,
- 400 किमी और
- 600 किमी
की सभी चार ब्रेवेट (BRM – Brevet Randonneurs Mondiaux) राइड सफलतापूर्वक पूरी करने वाले साइकिलिस्ट को प्रदान किया जाता है। यह उपलब्धि लंबी दूरी की साइकिलिंग में राइडर की शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और अनुशासन को दर्शाती है। इसे रैंडोन्यूरिंग की दुनिया में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
पहले भी कर चुके हैं ऐतिहासिक राइड
मानव खुराना हाल ही में कश्मीर से कन्याकुमारी तक 4000 किलोमीटर की लंबी साइकिल यात्रा पूरी कर चुके हैं, जिससे उनकी सहनशक्ति और प्रतिबद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
वहीं सुरेश दुआ छत्तीसगढ़ के
- पहले साइकिलिस्ट हैं जिन्होंने एक ही वर्ष में 4 बार सुपर रैंडोन्यूर का खिताब हासिल किया,
- और राज्य के पहले ऐसे साइकिलिस्ट भी हैं जिन्होंने कुल 10 बार सुपर रैंडोन्यूर बनने का गौरव प्राप्त किया है।
साइकिलिंग जगत में खुशी की लहर
इस शानदार उपलब्धि से रायपुर और छत्तीसगढ़ के साइकिलिंग समुदाय में खुशी और उत्साह का माहौल है। खेल प्रेमियों का मानना है कि ऐसी उपलब्धियां युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और साहसिक खेलों की ओर प्रेरित करेंगी।
