Chitra Navratri2026: डोली पर होगा माता दुर्गा का आगमन और हाथी पर गमन, जानिए क्या हैं शुभ-अशुभ संकेत और घट स्थापना का मुहूर्त
Chaitra Navratri: हिंदू धर्म में शक्ति उपासना का सबसे बड़ा पर्व Chaitra Navratri इस वर्ष 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस बार नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार से होने के कारण Durga माता का आगमन डोली में होगा, जबकि उनका गमन हाथी पर होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता का डोली में आगमन चुनौतियों, महामारी या संघर्ष का संकेत माना जाता है। वहीं हाथी पर गमन अत्यंत शुभ माना जाता है, जो अच्छी वर्षा, समृद्धि और कृषि में उन्नति का प्रतीक है।
72 साल बाद बन रहा विशेष ज्योतिषीय संयोग
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार करीब 72 वर्षों बाद एक विशेष संयोग बन रहा है। अमावस्या तिथि के प्रभाव के बीच ही कलश स्थापना (घट स्थापना) की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से प्रारंभ होगी। हालांकि सूर्योदय अमावस्या तिथि में होने के कारण उसी समय शास्त्र सम्मत विधि से घट स्थापना का विधान बनेगा। इस दिन शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का त्रिवेणी संयोग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन 19 मार्च को घट स्थापना के लिए दो प्रमुख शुभ मुहूर्त बताए गए हैं:
- सुबह 6:02 बजे से 8:40 बजे तक
- सुबह 9:16 बजे से 10:56 बजे तक
ज्योतिषियों का मानना है कि इन मुहूर्तों में पूजा करने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
क्या संकेत देते हैं माता के आगमन और गमन के वाहन
धार्मिक मान्यता के अनुसार माता दुर्गा के आगमन और प्रस्थान का वाहन भविष्य के संकेत देता है।
- डोली पर आगमन: चुनौतियां, बीमारी या संघर्ष की संभावना
- हाथी पर गमन: अच्छी वर्षा, समृद्धि और कृषि में उन्नति
हालांकि विद्वानों का कहना है कि विधि-विधान से पूजा करने पर देवी की कृपा से सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।
