Chhattisgarh SIR Process: SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल निर्वाचन आयोग पहुंचा, दावा-आपत्ति की तारीख बढ़ाने की मांग
Chhattisgarh SIR Process: छत्तीसगढ़ में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को निर्वाचन आयोग पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) आईएएस भोस्कर विलास संदीपन से मुलाकात कर दावा-आपत्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्तमान समय-सीमा बेहद कम है, जिसके चलते बड़ी संख्या में पात्र मतदाता नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और त्रुटियां सुधारने से वंचित रह सकते हैं।

कम समय, ज्यादा दिक्कतें: कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग को बताया कि —
- कई इलाकों में जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता नहीं है
- तकनीकी समस्याओं के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही
- दुर्गम और आदिवासी क्षेत्रों में लोगों तक समय पर जानकारी नहीं पहुंची
- प्रवासी मजदूर और विस्थापित परिवार प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं
इन कारणों से बड़ी संख्या में योग्य मतदाता SIR प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
सलवा जुडुम से विस्थापितों और प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष प्रक्रिया की मांग
कांग्रेस ने विशेष रूप से मांग की कि —
- सलवा जुडुम के दौरान गांवों से विस्थापित परिवारों के लिए अलग प्रक्रिया बने
- अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिक, जो रोज़गार के लिए बाहर गए हैं, उनके लिए भी विशेष सुविधा दी जाए
पार्टी का कहना है कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो हजारों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
BJP पर निशाना: SIR में पक्षपात का आरोप
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया में सत्ताधारी भाजपा पर गड़बड़ी और पक्षपात के आरोप लगाए। पार्टी का दावा है कि —
- आदिवासी
- मजदूर वर्ग
- अल्पसंख्यक समुदाय
को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि इस संबंध में पहले भी आयोग से शिकायत की जा चुकी है।
निर्वाचन आयोग से क्या मांगें रखीं गईं?
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें —
- दावा-आपत्ति की समय-सीमा बढ़ाई जाए
- दुर्गम इलाकों में विशेष शिविर लगाए जाएं
- प्रवासी और विस्थापित मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था बने
- तकनीकी दिक्कतों का तत्काल समाधान किया जाए
