CG News: कर्तव्य पथ पर दिखेगा जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश का पहला डिजिटल संग्रहालय, गणतंत्र दिवस 2026 के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन
रायपुर: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी देशभर का ध्यान आकर्षित करेगी। जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय को प्रदर्शित करने वाली छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने किया है।

यह डिजिटल संग्रहालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में लोकार्पित किया गया था। अब इसकी झलक गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में पूरे देश को देखने को मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने जताया गर्व
झांकी के चयन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी के माध्यम से आदिवासी समाज की देशभक्ति, अद्भुत वीरता और अपने सिद्धांतों के लिए प्राण न्योछावर करने की परंपरा को पूरा देश देखेगा। यह राज्य के लिए गर्व और उत्साह का विषय है।
17 राज्यों की झांकियों में छत्तीसगढ़ शामिल
जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव ने बताया कि सभी राज्यों से झांकी प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे। करीब चार महीने चली चयन प्रक्रिया के बाद 17 राज्यों की झांकियों को अंतिम सूची में शामिल किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ की झांकी को भी स्थान मिला।
‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ थीम पर आधारित
जनसंपर्क आयुक्त रवि मित्तल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की झांकी भारत सरकार की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्’ पर आधारित है। इसमें आदिवासी समाज के उन वीर नायकों के बलिदान को दर्शाया गया है, जिनके सम्मान में यह डिजिटल संग्रहालय बनाया गया है।
यह संग्रहालय जनजातीय विद्रोहों की वीरता, एकजुटता और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक प्रेरणादायक रूप में प्रस्तुत करता है।
पांच चरणों की कठिन प्रक्रिया के बाद मिली मंजूरी
अधिकारियों के अनुसार, झांकी की थीम और डिजाइन को पांच चरणों की कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। रक्षा मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति के समक्ष पहले थीम और डिजाइन प्रस्तुत किया गया, फिर थ्रीडी मॉडल और अंत में संगीत के चयन के बाद झांकी को अंतिम स्वीकृति दी गई।
