CG Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को नहीं मिली राहत, 10 दिसंबर तक बढ़ी न्यायिक रिमांड
CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अदालत ने एक बार फिर उनकी न्यायिक रिमांड बढ़ाते हुए उन्हें 10 दिसंबर 2025 तक जेल भेजने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले की जांच और भी तेज़ हो गई है।

14 दिनों की रिमांड पर भेजे गए चैतन्य बघेल
राज्य में तेजी से आगे बढ़ रही शराब घोटाला जांच के बीच चैतन्य बघेल को पहले से ही न्यायिक रिमांड पर रखा गया था। इस दौरान कोर्ट में पेशी के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिनों की अतिरिक्त न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद उन्हें 10 दिसंबर तक जेल में रहना होगा।
3200 करोड़ से अधिक का घोटाला
चैतन्य बघेल पर लगे आरोपों के अनुसार, 2018 से 2023 के बीच राज्य में कांग्रेस सरकार के समय करीब 3200 करोड़ रुपये से अधिक का शराब घोटाला हुआ। EOW द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में बताया गया है कि घोटाले की रकम से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपये की संपत्ति और जमीन खरीदी। पहले EOW ने इस घोटाले से लगभग 2174 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया था, लेकिन विस्तृत जांच में सामने आया कि वास्तविक घोटाला इससे भी बड़ा है और 3200 करोड़ रुपये से अधिक का है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस अवैध नेटवर्क के माध्यम से 61 लाख से ज्यादा अवैध पेटी शराब बेची गई, जिससे राज्य को भारी आर्थिक क्षति पहुंची।
क्यों फंसे चैतन्य बघेल?
चार्जशीट के अनुसार, चैतन्य बघेल पर सिंडिकेट द्वारा जुटाई गई अवैध कमाई को मैनेज करने और आपूर्ति चेन को संचालित करने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह कई महत्वपूर्ण लेन-देन और नेटवर्क गतिविधियों में शामिल पाए गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
