CG Big News: छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम ने दिखाई सख्ती, देरी पर भारी जुर्माना
CG Big News: आगामी शिक्षा सत्र के लिए बच्चों को समय पर पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटे छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम (पापुनि) ने बड़ी कार्रवाई की है। समय पर कागज सप्लाई नहीं करने वाली दो फर्मों – ओरिएंट और श्रेयांस पर क्रमशः ₹80 लाख और ₹30 लाख, कुल ₹1.10 करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई है।

दोनों फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें 5 साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
कागज और प्रिंटिंग में गड़बड़ी पर सख्त होगी कार्रवाई
पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय ने स्पष्ट कहा कि इस बार “प्रिंटिंग और सप्लाई में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” निगम ने फैसला लिया है कि आगामी सत्र के लिए भी निगम स्वयं कागज खरीदेगा और प्रिंटरों के माध्यम से पुस्तकें मुद्रित कराएगा, जैसा कि गुजरात, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, पांडुचेरी और असम जैसे राज्यों में होता है।
नई व्यवस्था में बढ़ाई गई सख्ती
- कागज सप्लाई में देरी पर 1% प्रतिदिन पेनाल्टी बढ़ोतरी का नियम लागू किया गया है।
- आगामी सत्र के लिए कागज गुणवत्ता मापदंडों में सुधार किया गया है।
- सीसीटीवी निगरानी प्रणाली सभी डिपो में लगाई जा रही है।
- अगले साल 8 नए डिपो स्थापित किए जाएंगे ताकि वितरण प्रक्रिया और तेज हो सके।
समय पर किताबें पहुंचाने की योजना
इस बार लक्ष्य है कि स्कूल खुलने से 10 दिन पहले किताबें सभी स्कूलों और संकुलों में पहुंच जाएं। इसके लिए एससीईआरटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह 15 दिसंबर तक विषयवार सीडी निगम को उपलब्ध कराए।
कम दर पर कागज खरीदी से ₹24 करोड़ की बचत
इस वर्ष जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई कागज की दर पिछले वर्ष की तुलना में ₹20 कम रही।
- पिछली बार दर थी ₹98 प्रति मीटन
- इस बार ₹78 प्रति मीटन में खरीदी
कुल 12,000 मीटन कागज की खरीदी से ₹24 करोड़ की बचत हुई है।
2.64 करोड़ पाठ्य पुस्तकें हुईं मुद्रित
इस वर्ष यूडाइस कोड आधारित डेटा के अनुसार 2.64 करोड़ पुस्तकें छपवाई गईं, जो पिछले सत्र से 20 लाख कम हैं। इससे करीब ₹10 करोड़ की अतिरिक्त बचत भी दर्ज की गई।
