Central Vista: 5 बड़े मंत्रालय होंगे शिफ्ट, जानिए कहां होगा नया पता
Central Vista: केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा मेगा प्लान के तहत एक और बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी दिल्ली में स्थित पांच प्रमुख मंत्रालयों को नए, अत्याधुनिक भवनों में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। लुटियंस दिल्ली में पुरानी इमारतों को हटाने और नए मॉडर्न सरकारी कॉरिडोर के निर्माण का काम तेज गति पकड़ चुका है। यह बदलाव न केवल मंत्रालयों के कार्यप्रवाह को सुगम करेगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को नए रूप में स्थापित करेगा।

कौन-कौन से मंत्रालय होंगे शिफ्ट?
सेंट्रल विस्टा रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत ये 5 मंत्रालय अब नए स्थानों पर कार्य करेंगे:
- युवा मामले एवं खेल मंत्रालय
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- जनजातीय मामले मंत्रालय
- कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय
सरकार का लक्ष्य है कि इन मंत्रालयों को बेहतर कार्य वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और डिजिटल-इनेबल्ड ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराया जाए।
नए दफ्तर कहां होंगे? (New Address Details)
नेताजी नगर — GPOA ब्लॉक-3 में शिफ्ट होंगे 3 मंत्रालय
निम्न मंत्रालय नेताजी नगर के नए GPOA ब्लॉक–3 में जाएंगे, जो एक आधुनिक सरकारी कॉम्प्लेक्स है:
- युवा मामले एवं खेल मंत्रालय → 6वीं से 8वीं मंजिल
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय → 7वीं और 8वीं मंजिल
- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय → 6वीं और 7वीं मंजिल
ये मंत्रालय पहले शास्त्री भवन और संकल्प भवन में स्थित थे। नए भवन में बड़े वर्कस्पेस, मीटिंग हॉल, डिजिटल सेटअप और पार्किंग की नई सुविधाएं होंगी।
कर्तव्य भवन-01 — यहां शिफ्ट होंगे 2 मंत्रालय
- जनजातीय मामले मंत्रालय
- कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय
यह दोनों मंत्रालय अब कर्तव्य भवन-01 के तीसरी मंजिल पर कार्य करेंगे। वर्तमान में ये मंत्रालय शास्त्री भवन और निर्माण भवन से संचालित होते हैं। नए स्थान पर दोनों मंत्रालयों को विस्तृत वर्क हॉल, मीटिंग रूम और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा।
शिफ्टिंग प्रक्रिया के लिए सरकार के निर्देश
सरकार ने सभी मंत्रालयों से कहा है कि वे नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जो निम्न कार्य देखेंगे:
- स्टाफ शिफ्टिंग
- फर्नीचर व फाइलों का ट्रांजिशन
- IT सिस्टम और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सेटिंग
- स्थानांतरण प्रक्रिया को समय पर पूरा करना
इससे पूरा मूवमेंट बिना किसी परेशानी और रुकावट के पूरा हो सकेगा।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट क्या बदल रहा है?
यह मेगा प्रोजेक्ट देश की राजधानी के प्रशासनिक ढांचे को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पुराने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्षेत्र को:
- मॉडर्न सरकारी कॉरिडोर
- डिजिटल दफ्तर
- ऊर्जा-प्रभावी भवन
- बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन
के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इससे केंद्रीय मंत्रालयों की कार्यक्षमता और सुगमता बढ़ेगी और दिल्ली में प्रशासनिक ढांचा अधिक व्यवस्थित होगा।
