Amit Baghel Hate Speech Case: भड़काऊ बयान मामले में अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग पर हाई कोर्ट सख्त, याचिका खारिज – अब तक दर्ज 12 FIR
Amit Baghel Hate Speech Case: जोहार पार्टी प्रमुख और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल के भड़काऊ बयान और हेट स्पीच मामलों में गिरफ्तारी की मांग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अपराधिक जांच में हस्तक्षेप करना न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

अमित बघेल के खिलाफ अब तक 12 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, सरगुजा, रायगढ़, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, प्रयागराज, महाराष्ट्र और बेंगलुरु में दर्ज केस शामिल हैं।
हाई कोर्ट ने कहा – जांच में हस्तक्षेप उचित नहीं
डिवीजन बेंच ने सुनवाई में कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच में कोर्ट मैनजमेंट की तरह हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
कोर्ट के अनुसार:
- जांच की दिशा तय करना
- वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी का निर्देश देना
- या गिरफ्तारी का आदेश जारी करना
ये सभी बातें अपराध जांच की माइक्रो-लेवल प्रक्रिया में हस्तक्षेप मानी जाती हैं और कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।
याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार पर लगाई ढिलाई की आरोप
अवंति विहार, रायपुर निवासी अमित अग्रवाल ने याचिका दायर कर कहा था कि
- अमित बघेल लगातार सिंधी, जैन और अग्रवाल समुदाय के खिलाफ भड़काऊ बयान दे रहे हैं।
- राज्य सरकार ने कार्रवाई में ढिलाई बरती है।
- बावजूद इसके, पुलिस द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को मानने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
12वीं FIR बेंगलुरु में दर्ज
कर्नाटक के बेंगलुरु में इंद्रानगर की डिफेंस कॉलोनी निवासी रामकृष्ण पी ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन पर समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
इस तरह यह 12वीं एफआईआर हो चुकी है।
फरार आरोपी पर 5,000 रुपये का इनाम
अमित बघेल के फरार होने के बाद पुलिस ने:
- ₹5,000 का इनाम घोषित किया है
- सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन भी दिया है
छत्तीसगढ़ महतारी मूर्ति तोड़फोड़ प्रकरण से जुड़ा है पूरा मामला
26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के वीआईपी चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ की घटना के बाद यह विवाद और बढ़ गया था।
घटना के बाद:
- क्रांति सेना के सदस्यों ने हंगामा किया
- पुलिस से झड़प भी हुई
- मूर्ति को बाद में दोबारा स्थापित किया गया
इस मामले में आरोपी मनोज को गिरफ्तार किया गया है, जिसके परिवार के अनुसार वह मानसिक रूप से बीमार है और नशे की हालत में यह घटना हुई।
