Adani Green Energy: कैसे खत्म हुआ इनसाइडर ट्रेडिंग केस, एक कॉल से जुड़ी पूरी कहानी
Adani Green Energy: अडानी ग्रुप को बड़ी राहत मिली है। मार्केट रेगुलेटर SEBI (सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया) ने Adani Green Energy Insider Trading Case में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के डायरेक्टर और गौतम अडानी के भतीजे प्रणव अडानी समेत तीन लोगों को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों से बरी कर दिया है।

SEBI ने स्पष्ट किया कि मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि गोपनीय या प्राइस-सेंसिटिव जानकारी के आधार पर शेयरों की खरीद-फरोख्त की गई थी।
किन लोगों को मिली क्लीन चिट?
SEBI ने जिन लोगों को आरोपों से मुक्त किया है, उनमें शामिल हैं:
- प्रणव अडानी
- नृपाल धनपालभाई शाह (प्रणव अडानी की बहन के पति)
- कुणाल धनपालभाई शाह (कज़िन के पति)
इन तीनों पर SEBI ने नवंबर 2023 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
क्या था पूरा मामला?
मामला Adani Green Energy द्वारा SB Energy के एक्विजिशन से जुड़ा था। SEBI यह जांच कर रही थी कि क्या SB Energy के अधिग्रहण से जुड़ी गोपनीय और प्राइस-सेंसिटिव जानकारी सार्वजनिक होने से पहले शेयर की गई थी और उसी के आधार पर शेयरों का लेन-देन किया गया। इसके लिए SEBI ने 28 जनवरी 2021 से 20 अगस्त 2021 के बीच Adani Green Energy के शेयर ट्रांजैक्शंस की गहन जांच की।
एक फोन कॉल बना जांच का केंद्र
इस केस का सबसे अहम पहलू था 16 मई 2021 को किया गया एक फोन कॉल। SEBI को शक था कि इस कॉल के जरिए कुणाल शाह ने प्रणव अडानी से गोपनीय जानकारी साझा की।
हालांकि, जांच में यह सामने आया कि:
- SB Energy के अधिग्रहण की जानकारी कॉल से पहले ही मीडिया में आ चुकी थी
- 19 मई 2021 को सुबह 08:20 बजे Adani Green Energy ने आधिकारिक तौर पर अधिग्रहण की घोषणा कर दी थी
SEBI की जांच में क्या निष्कर्ष निकला?
SEBI ने अपने 50 पेज के आदेश में कहा कि:
- प्रणव अडानी द्वारा कोई गोपनीय जानकारी साझा नहीं की गई
- कुणाल और नृपाल शाह ने किसी इनसाइडर सूचना के आधार पर ट्रेडिंग नहीं की
- शेयरों का लेन-देन व्यक्तिगत समझ और बाजार की जानकारी के आधार पर किया गया
केस क्यों हुआ बंद?
SEBI ने पाया कि:
- इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ
- शेयर ट्रांजैक्शन में किसी प्राइस-सेंसिटिव इनफॉर्मेशन का इस्तेमाल नहीं किया गया
इसी के चलते:
- कोई जुर्माना नहीं लगाया गया
- नवंबर 2023 में जारी शो-कॉज नोटिस रद्द कर दिया गया
- केस को औपचारिक रूप से बंद कर दिया गया
Adani Group के लिए बड़ी राहत
इस फैसले को अडानी ग्रुप के लिए बड़ी कानूनी और कॉर्पोरेट राहत माना जा रहा है। लंबे समय से चल रही इस जांच के खत्म होने से Adani Green Energy और उससे जुड़े निदेशकों पर लगा इनसाइडर ट्रेडिंग का दाग पूरी तरह साफ हो गया है।
