IRCTC Food Upgrade: अब ट्रेन में मिलेगा हेल्दी और रेस्टोरेंट जैसा खाना, IRCTC ने शुरू की नई पहल
IRCTC Food Upgrade: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। ट्रेन यात्रा के दौरान भोजन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से उठ रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) ने एक नई और अहम पहल शुरू की है। इसके तहत अब ट्रेनों में यात्रियों को हेल्दी, ताजा और रेस्टोरेंट स्तर का खाना उपलब्ध कराया जाएगा।

यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आईआरसीटीसी ने देशभर में एक Proof of Concept (POC) लागू किया है, जिसमें बड़े इंडस्ट्रियल किचन, नामी रेस्टोरेंट चेन और फ्लाइट कैटरर्स को शामिल किया गया है।
ट्रेनों में भोजन का नया मॉडल क्या है?
रेल मंत्रालय के तहत नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम आईआरसीटीसी रोजाना लगभग 16.5 लाख यात्रियों को भोजन परोसता है। यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं को देखते हुए अब भोजन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
नए मॉडल के तहत:
- खाना अनुभवी फूड ब्रांड्स द्वारा बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा
- ट्रेनों में सप्लाई और सर्विस अलग-अलग होगी
- गुणवत्ता, हाइजीन और प्रस्तुति पर खास फोकस रहेगा
इससे भोजन की निरंतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी।
इन प्रतिष्ठित ब्रांड्स से मिलेगा ट्रेन में खाना
यह नया POC फिलहाल देश के अलग-अलग रेलवे जोन की चुनिंदा ट्रेनों, खासकर वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों में लागू किया गया है।
इन ट्रेनों में यात्रियों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं:
- Haldiram’s
- Elior
- Casino Air Caterers
- ISKCON
- अन्य प्रतिष्ठित फूड ब्रांड्स
हेल्दी मेनू और बेहतर पैकेजिंग पर जोर
आईआरसीटीसी के अनुसार इस ट्रायल में:
- किचन की गुणवत्ता
- भोजन की तैयारी
- पैकेजिंग
- ट्रांसपोर्ट
- ऑन-बोर्ड सर्विस
हर स्तर का बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है। नए मेनू में स्थानीय स्वाद, हेल्दी विकल्प और आकर्षक प्रस्तुति को प्राथमिकता दी गई है।
लंबी दूरी की ट्रेनों में भी लागू हो सकता है मॉडल
अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों से अब तक मिला फीडबैक बेहद सकारात्मक रहा है। स्वाद, ताजगी और साफ-सफाई में साफ सुधार देखने को मिला है। आईआरसीटीसी ने संकेत दिया है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसे अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह समाचार विभिन्न आधिकारिक जानकारियों पर आधारित है। नीतियों में समय-समय पर बदलाव संभव है।
