Tata Capital IPO Listing: शुरूआत में फायदा, निवेशकों को लगा करारा झटका!
Tata Capital IPO Listing: देश की जानी-मानी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी Tata Capital का बहुप्रतीक्षित IPO आज स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुआ। निवेशकों को शुरुआत में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कुछ ही मिनटों में यह खुशी निराशा में बदल गई।

₹326 के इश्यू प्राइस पर मिले शेयर आज NSE पर ₹330 और BSE पर ₹329.30 पर लिस्ट हुए — यानी करीब 1% का लिस्टिंग गेन। लेकिन शुरुआती ट्रेडिंग के कुछ ही मिनटों में शेयर फिसलकर ₹327.25 तक गिर गया, जिससे मुनाफा घटकर सिर्फ 0.92% रह गया।
IPO को मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
Tata Capital के ₹15,511.87 करोड़ के IPO को कुल मिलाकर 1.96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
- QIB: 3.42 गुना
- NII: 1.98 गुना
- रिटेल निवेशक: 1.10 गुना
- कर्मचारियों का कोटा: 2.92 गुना
लिस्टिंग से पहले इसका GMP (Grey Market Premium) लगभग शून्य पर आ गया था, जिससे पहले ही संकेत मिल गए थे कि शेयर की लिस्टिंग फ्लैट रह सकती है।
IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग
कंपनी ने इस पब्लिक ऑफर के तहत ₹6,846 करोड़ के नए इक्विटी शेयर जारी किए हैं। इससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल Tata Capital अपने टियर-1 कैपिटल को मजबूत करने में करेगी।
वहीं, 26.58 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बेचे गए, जिसकी रकम सीधे बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी।
Tata Capital क्या करती है?
Tata Capital एक प्रमुख NBFC (Non-Banking Financial Company) है जो उपभोक्ता ऋण, वेल्थ मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट फाइनेंस, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और क्लीनटेक फाइनेंस जैसी सेवाएं प्रदान करती है। भारत के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है — 1,516 शाखाओं और 1,109 लोकेशन्स के साथ।
वित्तीय रिपोर्ट कार्ड: दमदार प्रदर्शन लेकिन कर्ज बढ़ा
कंपनी के मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी हुई है —
- FY23: ₹2,945.77 करोड़
- FY24: ₹3,326.96 करोड़
- FY25: ₹3,655.02 करोड़
टोटल इनकम FY25 में बढ़कर ₹13,637.49 करोड़ पहुंच गई, जो 44% CAGR की मजबूत ग्रोथ दर्शाता है।
हालांकि, कर्ज भी तेजी से बढ़ा है —
- FY23: ₹1,13,335.91 करोड़
- FY24: ₹1,48,185.29 करोड़
- FY25: ₹2,08,414.93 करोड़
निवेशकों के लिए अलर्ट
- ब्रांड वैल्यू मजबूत है, लेकिन कर्ज में बढ़ोतरी और कमजोर लिस्टिंग प्रीमियम शॉर्ट टर्म में सीमित मुनाफे का संकेत देते हैं।
- लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी के फंडामेंटल्स पर भरोसा रख सकते हैं, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
Tata Capital की लिस्टिंग ने साबित किया कि सिर्फ बड़ा नाम ही सफलता की गारंटी नहीं होता। शेयर बाजार में स्थिरता आने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह लिस्टिंग लॉन्ग टर्म अवसर बनेगी या शॉर्ट टर्म रिस्क।
