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Sensex and Nifty Fall: बाजार की रफ्तार पर ब्रेक, टूटा सेंसेक्स-निफ्टी

Sensex and Nifty Fall: हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी नहीं रही। सोमवार, 13 अक्टूबर को बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे उतर गए। सुबह के सत्र में ही सेंसेक्स 217 अंक (−0.26%) गिरकर 82,283.69 पर आ गया, जबकि निफ्टी 71.60 अंक (−0.28%) टूटकर 25,213.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

इस गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों की मंदी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी अहम भूमिका निभा रही है।


किन शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव?

सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयर लाल निशान पर हैं।

  • टाटा मोटर्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस जैसे दिग्गज स्टॉक्स में 1% तक की गिरावट देखी गई।
  • वहीं एशियन पेंट्स, जोमैटो और भारती एयरटेल जैसे शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की।

निफ्टी में भी यही रुझान दिखा।

  • 50 में से 34 शेयर गिरे, जिनमें आईटी, मेटल, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर के स्टॉक्स प्रमुख रहे।
  • इन सेक्टरों में लगभग 1% तक की कमजोरी देखने को मिली।

वैश्विक बाजारों की गिरावट से आई बेचैनी

भारतीय बाजारों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी बाजारों की कमजोरी है।

  • हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 3.14% गिरा।
  • चीन का शंघाई कंपोजिट 1.30% लुढ़का।
  • जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 1% से ज्यादा गिरे।

इसके अलावा अमेरिकी बाजारों में 10 अक्टूबर को भारी गिरावट देखी गई थी —

  • डाउ जोन्स 1.90%,
  • नैस्डैक 3.56%,
  • और S&P 500 में 2.71% की गिरावट दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों की यह सुस्ती सीधे भारतीय शेयर बाजार पर भी भारी पड़ी है।


FII और DII की चाल: विदेशी बेच रहे, देशी खरीद रहे

  • 10 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों (FII) ने ₹459 करोड़ के शेयर खरीदे।
  • वहीं घरेलू निवेशकों (DII) ने ₹1,707 करोड़ की मजबूत खरीदारी की।

हालांकि अक्टूबर महीने में अब तक FIIs ने ₹213 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने ₹11,797 करोड़ की खरीदारी की है।
सितंबर में FIIs की ₹35,301 करोड़ की बिकवाली और DIIs की ₹65,343 करोड़ की खरीदारी दर्ज की गई थी।


शुक्रवार को बाजार में तेजी, आज पलट गया रुख

शुक्रवार को सेंसेक्स 328 अंक चढ़कर बंद हुआ था और निफ्टी भी 103 अंक ऊपर गया था। PSU बैंक, रियल्टी और फार्मा सेक्टर ने उस दिन बाजार को मजबूत किया था। लेकिन सोमवार की शुरुआत ने पिछले सत्र की तेजी को पूरी तरह पलट दिया।


आगे क्या उम्मीद?

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल ग्लोबल संकेत कमजोर हैं, जिससे निकट भविष्य में और करेक्शन की संभावना है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को स्थिर रख सकती है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक अभी सावधानी से कदम बढ़ाएं और शॉर्ट-टर्म ट्रेड से बचें।

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