RBI Repo Rate Decision 2025: EMI में राहत की उम्मीद टूटी, जानिए 3 बड़े कारण
RBI Repo Rate Decision 2025: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर आम लोगों को EMI में राहत देने की उम्मीद तोड़ दी है। मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट को 5.50% पर अपरिवर्तित रखा गया है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा।

RBI ने क्यों नहीं घटाई दरें?
RBI के फैसले के पीछे तीन बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
- अर्थव्यवस्था की तेज़ी – अप्रैल-जून 2025 में भारत की GDP 7.8% बढ़ी। जब अर्थव्यवस्था मजबूत दिख रही हो, तो RBI को तुरंत दर घटाने की ज़रूरत नहीं होती।
- वैश्विक अनिश्चितता – अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ और H-1B वीज़ा फीस बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में RBI बड़े कदम उठाने से पहले सतर्क रहना चाहता है।
- महंगाई में हल्की बढ़ोतरी – अगस्त 2025 में महंगाई दर 2.07% रही। यह अभी RBI के 4% लक्ष्य से कम है, लेकिन 10 महीनों में पहली बार इसमें बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसलिए RBI ने फिलहाल सावधानी बरती है।
रेपो रेट क्या है और EMI पर कैसे असर डालता है?
- रेपो रेट घटे → बैंकों को सस्ता कर्ज, ग्राहकों को कम ब्याज, EMI घटती है।
- रेपो रेट बढ़े → कर्ज महंगा, EMI बढ़ती है, लेकिन महंगाई काबू में रहती है।
इस बार RBI ने दरें स्थिर रखी हैं, यानी आपकी होम लोन और कार लोन EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।
आगे क्या हो सकता है?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि RBI का रुख तटस्थ है। यानी हालात के हिसाब से आने वाले महीनों में दरों में बदलाव संभव है। लेकिन फिलहाल EMI कम होने की उम्मीद नहीं है।
