UV Light Shoe Rack: भारत के वैज्ञानिकों की अनोखी खोज यूवी लाइट वाली शू-रैक, मिलेगी Ig नोबेल 2025 अवार्ड में पहचान
UV Light Shoe Rack:
भारत के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा अनोखा आविष्कार किया है, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जूतों की बदबू दूर करने के लिए उन्होंने यूवी लाइट तकनीक वाली शू-रैक तैयार की है। इस इनोवेशन के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को प्रतिष्ठित Ig नोबेल अवार्ड 2025 से सम्मानित किया जाएगा।

कैसे काम करती है यह शू-रैक?
इस शू-रैक में यूवी लाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। यह जूतों में मौजूद बैक्टीरिया और सूक्ष्मजीवों को खत्म करती है, जिससे जूतों की बदबू कम हो जाती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह आविष्कार न सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए, बल्कि जूता उद्योग और खेल संगठनों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
Ig नोबेल अवार्ड क्यों खास है?
Ig नोबेल अवार्ड उन खोजों और आविष्कारों को दिया जाता है, जो पहली नजर में अजीब या हास्यास्पद लगते हैं, लेकिन उनके पीछे गंभीर वैज्ञानिक सोच और व्यावहारिक उपयोग छिपा होता है। इस पुरस्कार का उद्देश्य विज्ञान में नवीनता और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।
भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि
भारतीय वैज्ञानिकों की इस उपलब्धि ने साबित किया है कि छोटे-छोटे आविष्कार भी दुनिया की वैज्ञानिक प्रगति में बड़ा योगदान दे सकते हैं। यह इनोवेशन दिखाता है कि विज्ञान सिर्फ जटिल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की समस्याओं का हल भी खोज सकता है।
निष्कर्ष
यूवी लाइट शू-रैक भारतीय वैज्ञानिकों की क्रिएटिव सोच और नवाचार का शानदार उदाहरण है। Ig नोबेल अवार्ड 2025 में इस खोज को सम्मान मिलना न सिर्फ भारत के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि विज्ञान हर स्तर पर समाज के काम आ सकता है।
