Ice cream side effects: रात में आइसक्रीम खाने से सेहत पर पड़ सकता है गंभीर असर, जानें कैसे बचें
Ice cream side effects: गर्मियों में आइसक्रीम खाना किसे पसंद नहीं होता! लेकिन रात में आइसक्रीम खाने की आदत सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती है। खासतौर पर नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह और भी नुकसानदायक हो सकती है। आइसक्रीम में मौजूद हाई शुगर और फैट नींद की गुणवत्ता, पाचन तंत्र और हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं। चलिए जानते हैं रात में आइसक्रीम खाने से क्या नुकसान हो सकते हैं और इससे बचाव के उपाय क्या हैं।

हाई शुगर और फैट से नींद में बाधा
आइसक्रीम में चीनी और सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है। सोने से ठीक पहले इसे खाने पर शरीर को इसे पचाने में कठिनाई होती है। इससे शरीर एक्टिव हो जाता है और दिमाग रिलैक्स नहीं कर पाता। मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है।
ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव से नींद टूटना
रात में आइसक्रीम खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है और कुछ समय बाद गिर जाता है। इससे नींद में बार-बार खलल पड़ सकता है। बेचैनी, जागना और थकावट महसूस होना आम समस्याएँ बन जाती हैं।
पाचन तंत्र पर बुरा असर
सोते समय पाचन तंत्र की कार्यक्षमता कम हो जाती है। भारी और डेयरी-आधारित भोजन जैसे आइसक्रीम पचने में कठिनाई देते हैं। इससे गैस, अपच और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है, जो नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
ज्यादा शुगर से दिमाग की एक्टिविटी बढ़ सकती है
अत्यधिक शुगर लेने से दिमाग की न्यूरल एक्टिविटी बढ़ जाती है। इससे जीवंत सपनों की संभावना बढ़ सकती है और गहरी नींद कम हो जाती है। इससे अगले दिन थकावट और सुस्ती महसूस हो सकती है।
कैसे बचें?
सोने से 2 घंटे पहले मीठा खाएं ताकि शरीर को इसे पचाने का समय मिल सके।
आइसक्रीम की जगह फ्रोजन योगर्ट, दही, फल या हल्का स्नैक चुनें।
रात में हल्का, जल्दी पचने वाला भोजन करें ताकि नींद प्रभावित न हो।
