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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की बेटी ने नीदरलैंड के युवक से की शादी, जांजगीर-चांपा में कानूनी प्रक्रिया पूरी, गांव में चर्चा का विषय बना अंतरराष्ट्रीय विवाह

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है। जिले के पामगढ़ विकासखंड के भुईगांव की रहने वाली एक युवती ने नीदरलैंड के युवक से विवाह कर लिया। दोनों ने भारत में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए विवाह को आधिकारिक मान्यता दिलाई। इस अंतरराष्ट्रीय शादी की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है।

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भुईगांव की क्रिस्टीना बनीं नीदरलैंड की बहू

जानकारी के अनुसार, पामगढ़ तहसील के भुईगांव स्थित वार्ड क्रमांक 7, नालापारा निवासी 25 वर्षीय क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के रहने वाले 32 वर्षीय क्रिस्टीयान एन्ड्रीयश वरबूम को अपना जीवनसाथी चुना है। क्रिस्टीना के पिता हनोक नथेनियल और माता सोनिया नथेनियल हैं, जबकि क्रिस्टीयान के पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम बताया गया है। दो अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और भाषाओं से जुड़े इस रिश्ते ने स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

अपर कलेक्टर के समक्ष पूरी हुई विवाह की कानूनी प्रक्रिया

दोनों ने अपने विवाह को वैधानिक रूप देने के लिए जिला मुख्यालय में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी की। 16 अक्टूबर 2026 को क्रिस्टीना और क्रिस्टीयान अपर कलेक्टर एवं विवाह अधिकारी प्रमोद कुमार गुप्ता के समक्ष उपस्थित हुए, जहां संबंधित अधिनियम की धारा-5 के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। तीन गवाहों की उपस्थिति में दोनों ने वैधानिक घोषणा की, जिसके बाद विवाह अधिकारी ने प्रमाण-पत्र जारी कर विवाह को कानूनी मान्यता प्रदान की।

परिवार बना गवाह

विवाह की प्रक्रिया के दौरान वधू पक्ष की ओर से—

  • हनोक नथेनियल
  • सोनिया नथेनियल

गवाह के रूप में मौजूद रहे। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विवाह प्रमाण-पत्र जारी किया गया।

गांव में चर्चा का विषय बना अंतरराष्ट्रीय विवाह

भुईगांव जैसे छोटे ग्रामीण क्षेत्र की बेटी के नीदरलैंड के युवक से विवाह की खबर फैलते ही गांव में उत्सुकता का माहौल बन गया। स्थानीय लोग इस अनोखे रिश्ते की चर्चा कर रहे हैं और नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं दे रहे हैं। हालांकि, दोनों की मुलाकात कब और कैसे हुई, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सरहदों से आगे बढ़ा रिश्ता

यह विवाह इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि आज के दौर में शिक्षा, तकनीक और वैश्विक संपर्क के कारण अलग-अलग देशों के लोगों के बीच रिश्ते बनना पहले की तुलना में अधिक सहज हो गया है। भौगोलिक दूरी और सांस्कृतिक भिन्नताओं के बावजूद आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रिया के जरिए दोनों ने अपने रिश्ते को नया मुकाम दिया।

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