CM योगी की युवाओं को सलाह: Reel नहीं Real Life सुधारें, रामनाथ कोविंद की किताब के विमोचन पर दिया संदेश

Youth Development: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से सोशल मीडिया पर लाइक्स और रील्स के पीछे भागने के बजाय अपने वास्तविक जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अच्छी किताबें व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी मार्गदर्शक होती हैं और युवाओं को ज्ञान, संघर्ष तथा आत्मविकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह में कहीं। कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद रहे।
संघर्ष ही सफलता की असली पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जन्मभूमि उत्तर प्रदेश है और यही उनकी कर्मभूमि भी रही है। उन्होंने कहा कि कोविंद का जीवन संघर्ष, सादगी और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
योगी ने कहा कि उनकी आत्मकथा का अंग्रेजी संस्करण ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किया जा चुका है, जबकि अब इसके हिंदी संस्करण का विमोचन हुआ है।
उन्होंने कहा कि बड़ा वही व्यक्ति बनता है, जिसमें संघर्ष करने का साहस हो। परिस्थितियां अनुकूल हों तो उनका उपयोग समाज और देश के विकास के लिए करना चाहिए, और यदि परिस्थितियां कठिन हों तो उनसे भागने के बजाय उनका डटकर सामना करना चाहिए।
रील्स नहीं, किताबों से बनाएं भविष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर रील बनाकर लाइक्स जुटाने से ज्यादा जरूरी है कि युवा अपने वास्तविक जीवन को बेहतर बनाने के लिए मेहनत करें। उनका मानना है कि अच्छी पुस्तकें जीवन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और युवाओं को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करनी चाहिए।
हर ग्राम पंचायत में बन रही डिजिटल लाइब्रेरी
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में बनाए गए 57,600 ग्राम सचिवालयों में पुस्तकालय के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था की गई है, जहां गांवों के बच्चे अध्ययन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी बेहतर शिक्षा और ज्ञान के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि रामनाथ कोविंद की आत्मकथा युवाओं को संघर्ष, अनुशासन और समाज सेवा के लिए प्रेरित करेगी।
