Flex-Fuel Vehicles: अब पेट्रोल-डीजल की छुट्टी, जानिए क्या हैं फ्लेक्स-फ्यूल
Flex-Fuel Vehicles: बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुज़ुकी ने एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी जल्द ही भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex-Fuel Vehicles) का उत्पादन शुरू करने जा रही है। ये वाहन पेट्रोल और एथनॉल जैसे मिश्रित ईंधन पर चलेंगे, जिससे न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

फ्लेक्स-फ्यूल वाहन क्या हैं?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे इंजन पर चलते हैं जो विभिन्न प्रकार के ईंधन मिश्रणों (पेट्रोल + एथनॉल) का उपयोग कर सकते हैं। एथनॉल गन्ने जैसी फसलों से प्राप्त होता है और यह पर्यावरण के लिए अनुकूल माना जाता है। पारंपरिक वाहनों की तुलना में यह तकनीक प्रदूषण कम करती है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देती है।
मारुति का कदम क्यों महत्वपूर्ण है?
मारुति की पैरेंट कंपनी सुज़ुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) ने घोषणा की है कि इस वित्तीय वर्ष में भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का उत्पादन शुरू होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि भारत को कार्बन न्यूट्रल और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा योगदान दिया जाए।
ग्राहकों को क्या मिलेगा फायदा?
पेट्रोल की तुलना में एथनॉल सस्ता है, जिससे प्रति लीटर लगभग ₹32 तक की बचत संभव है।
एथनॉल उत्पादन से किसानों को नई रोज़गार के अवसर मिलेंगे।
पर्यावरण पर कम प्रभाव डालते हुए स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य की दिशा
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने का प्रभावशाली समाधान साबित हो सकते हैं। इससे न केवल पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी बल्कि देश में ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ावा मिलेगा। आने वाले वर्षों में यह पहल ऑटोमोबाइल उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकती है।
